Flood : बिहार में बाढ़ से तबाही का अंदेशा, सभी नदियों में खतरे से ऊपर है जलस्तर

डिजीटल डेस्क : Floodबिहार में बाढ़ से तबाही का अंदेशा, सभी नदियों में खतरे से ऊपर है जलस्तर। बिहार में बाढ़ से तबाही होने का अंदेशा जताया जाने लगा है। वजह यह कि लगातार हो रही बारिश और नदियों में बढ़ रहे पानी से खतरा बढ़ गया है। इस अंदेशे को बल देने वाली वजह यह भी है कि बिहार की मुख्य नदियों से लेकर सहायक नदियों में लगातार जलस्तर बढ़ने की सूचना है। मधुबनी, पूर्णिया, दरभंगा, सुपौल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समेत बीरपुर, कमातुल और सहराघात जैसे इलाकों में नदियां अपने उफान पर हैं। साथ अधवारा, महानंदा, कोसी और गंडक नदियों का पानी लगातार बढ़ता जा रहा है।

गोपालगंज और मोतीहारी में हालात बदतर

News 22Scope के संवाददाता ने बाढ़ प्रभावित गोपालगंज के कुछ इलाकों का दौरा किया। पाया कि गोपालगंज में भले ही गंडक नदी के जल स्तर में कमी आयी है लेकिन लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। । साथ ही नदी कई जगहों पर बांध-तटबंधों से सटकर बह रही है। बांध-तटबंधों के सभी संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। कैंप स्थापित किए गए हैं। हरेक किलोमीटर पर बांध श्रमिक नियुक्त किए गए हैं। विभाग ने सभी बांध-तटबंधों को सुरक्षित बताते हुए सदत निगरानी का दावा किया है।

गोपालगंज में लोगों ने मचानों पर लिया आसरा और पी रहे बाढ़ का पानी

News 22Scope के संवाददाता ने इस दौरे पर पाया कि बाढ़ प्रभावित गोपालगंज में पिछले एक सप्ताह से लोग सड़क पर अस्थायी आशियाने बनाकर रहने के लिए मजबूर हैं। सदर प्रखंड के रामपुर टेंगराही पंचायत के राजवाही और सेमराही गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर गये हैं। यहां प्राथमिक विद्यालय राजवाही भी पानी में डूब गया है। लोगों की परेशानी यह है कि बाढ़ के पानी के चलते मचानों पर रहने को विवश हैं। प्यास बुझाने को लोग बाढ़ का दूषित पानी पीने को मजबूर है। इनके घर का सारा अनाज भी बाढ़ के पानी से बर्बाद हो गया है।

मोतीहारी में भी ध्वस्त बांध से रिस रहा बाढ़ का पानी, लोगों में दहशत

मोतिहारी के सुगौल प्रखंड में सिकरहना नदी का जलस्तर बीती रात्रि को फिर से बढ़ने लगा है। इससे  आस-पास के ग्रामीणों में भय व्याप्त है। नदी में बढ़ते को जलस्तर को देख लोग सतर्क हो गए हैं। धूमनी टोला वार्ड 3 में ध्वस्त बांध से नदी में बढ़े जलस्तर के चलते पानी सरेही इलाकों में धीरे-धीरे प्रवेश कर रहा है। लोगों की मदद को अभी तक प्रशासन की ओर से कोई मौके पर नहीं पहुंचा है। लोग अपने ही स्तर पर बाढ़ के पानी को खेतों और गांवों की बढ़ने से रोकने को ध्वस्त बांध वाले क्षेत्र में अपने से जरूरी मरम्मत और बालू की बोरियों का चट लगाने में लगे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पूरे सुकुल पाकड़ पंचायत के इलाके में पानी फैलने की आशंका है। रोपे गए धान के खेतों में नदी का पानी लबालब भर चला है।

पूर्णिया, मधुबनी और दरभंगा में भी यही हैं हालात

जानकारी के मुताबिक मधुबनी में अधवारा नदी का जल स्तर लगातार खतरनाक स्तर से ऊपर बह रहा है। यहां इस नदी का पानी खतरनाक स्तर से तकरीबन पौने तीन मीटर ऊपर है, जो लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी तरह बिहार के पूर्णिया में बहने वाली महानंदा नदी भी खतरनाक स्तर से ऊपर बह रही है। यहां के सेमराघाट पर करीब आधा मीटर ऊपर नदी बह रही है जबकि दरभंगा के कमाथुल में भी नदी खतरनाक स्तर से ऊपर बह रही है।

कोसी – बागमती लगातार खतरे के निशान ऊपर

कोसी-बागमती की रफ्तार पर 15 जुलाई को विराम लगा है। दोनों नदी के जलस्तर में हल्‍की कमी आई है। लेकिन दोनों खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदी कई जगहों पर बांध-तटबंधों से सटकर बह रही है। बांध-तटबंधों के सभी संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। बागमती का जलस्तर 15 जुलाई की सुबह खगड़िया के संतोष जलद्वार के पास 37.22 मीटर दर्ज किया गया। कोसी और बागमती की रफ्तार पर 15 जुलाई को ब्रेक जरूर लगा है और दोनों ही नदियों के जलस्तर में मामूली कमी आई है लेकिन दोनों ही नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दोनों नदियां उफान पर है।

गंडक में आई  बाढ़ से घिरे एक गांव में लोगों ने आवाजाही को बनाई जुगाड़ वाली नाव
गंडक में आई बाढ़ से घिरे एक गांव में लोगों ने आवाजाही को बनाई जुगाड़ वाली नाव

खगड़िया से बाढ़ संबंधी ये है ताजा इनपुट

अभी खगड़िया के बलतारा में कोसी खतरे के निशान से 91 सेंटीमीटर ऊपर है, जबकि बागमती संतोष जलद्वार के पास खतरे के निशान से एक मीटर 59 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। दोनों नदियों के जलस्तर के बारे में रूझान घटने की बताई गई है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, दो, खगड़िया की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार बलतारा में कोसी का जलस्तर 34.76 मीटर रहा। एक दिन पहले य़ह जलस्तर 34.88 मीटर था। कोसी के जलस्तर में बीते 24 घंटे (14 जुलाई की सुबह छह बजे से 15 जुलाई की सुबह छह बजे तक ) में 12 सेंटीमीटर की कमी आई है। कहने का मतलब कोसी आधे सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से घट रही है। बागमती का जलस्तर 15 जुलाई की सुबह खगड़िया के संतोष जलद्वार के पास 37.22 मीटर दर्ज किया गया। 14 जुलाई की सुबह बागमती का जलस्तर 37.34 मीटर रहा था। बीते 24 घंटे(14 जुलाई की सुबह छह बजे से 15 जुलाई की सुबह छह बजे तक) में बागमती के जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की कमी आई है। बागमती भी आधे सेंटीमीटर प्रतिघंटे के हिसाब से घट रही है।

बिहार के हालात पर जलशक्ति मंत्रालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी जानकारी

बिहार के हालात को लेकर लगातार सामने आते ब्योरे पर लगातार केंद्र सरकार भी इनपुट ले रही है और राज्य सरकार से सीधे संपर्क में है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बिहार की ज्यादातर नदियों में पानी का बहाव बहुत ज्यादा है। खास बात यह है कि इन नदियों में पानी खतरनाक स्तर से ऊपर बह रहा है। इसको लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को भी सभी जानकारियां दे दी हैं ताकि समय रहते ऐहतियाती उपाय किए जा सकें और बाढ़ से घिरी आबादी और लोगों को जरूरी सहायता पहुंच सके।

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