डिजीटल डेस्क : Parliament में गूंजा दिल्ली कोचिंग हादसा मामला। देश की राजधानी दिल्ली के पुराने राजेंद्र नगर के बेसमेंट में बनी कोचिंग सेंटर की लाइब्रेरी में अचानक पानी भरने से 3 विद्यार्थियों की हुई मौत का मामला सोमवार को संसद के दोनों सदनों में गूंजा। संसद के मानसून सत्र के नौंवें दिन आज दिल्ली कोचिंग हादसे का मुद्दा उठा। संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। राज्यसभा में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इसी मसले पर जारी बहस के दौरान कड़ी टिप्पणी की।
जगदीप धनखड़ बोले – युवा जनसांख्यिकीय लाभांश को पोषित किया जाए
उपराष्ट्रपति ने पीड़ादायक लहजे में कहा कि ‘कोचिंग आज एक तरह से धंधा बन गया है। हम अक्सर अखबार में पढ़ते हैं तो शुरूआत एक-दो पन्नों पर उनके ही विज्ञापन मिलते हैं।‘ राज्यसभा में दिल्ली कोचिंग हादसे पर चर्चा की मांग पर उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, ‘मुझे नियम 267 के तहत नोटिस मिले हैं। उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही के कारण दिल्ली में यूपीएससी उम्मीदवारों की दुखद मौत पर चर्चा की मांग की है। मुझे लगता है कि देश के युवा जनसांख्यिकीय लाभांश को पोषित किया जाना चाहिए।’ उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि, ‘कोचिंग एक फलता-फूलता उद्योग बन गया है, जिसमें हाई रिटर्न मिलता है। विज्ञापनों की जांच की जानी चाहिए। विज्ञापन पर खर्च किया गया हर पैसा छात्र से आ रहा है। हर नई इमारत छात्रों के पैसे से आ रही है। इसलिए वास्तव में एक ऐसे दृष्टिकोण की आवश्यकता है जो इस समस्या से निपटने में काफी मददगार हो सके…’। आखिर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में यूपीएससी के 3 अभ्यर्थियों की मौत की घटना पर राज्यसभा में कहा, ‘…लापरवाही हुई है। जब जवाबदेही तय होगी, तभी समाधान निकलेगा…यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि ऐसी घटना दोबारा न हो….’।

अखिलेश बोले – दिल्ली में सरकार बुल़डोजर चलाएगी या नहीं?
वहीं लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने लोकसभा में कहा, ‘यह एक दर्दनाक घटना है। योजना बनाना और एनओसी देना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सवाल यह है कि कौन जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है? यह अवैध निर्माण का सिर्फ एक मामला नहीं है, हम यूपी में देख रहे हैं कि अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, क्या यह सरकार यहां बुलडोजर चलाएगी या नहीं?’
शशि थरूर ने दिल्ली कोचिंग हादसे को बताया शर्मनाक, नियमों की गंभीर अनदेखी हुई
लोकसभा में दिल्ली कोचिंग हादसे का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने घटना पर दुख जताया और कहा कि यह पूरे देश के लिए दुख की बात है। शशि थरूर ने घटना के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ‘यह शर्मनाक घटना है। युवाओं का सपना बिखर गया और उनके परिजनों को भी सदमा लगा है। यह देश के लिए बेहद दुख की बात है। जब जीवन चला गया तो क्या कदम उठाए जा सकते हैं? पीड़ितों को मुआवजा मिलना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी घटना फिर न हो और किसी को ये दुख न झेलना पड़े।’ शशि थरूर ने आगे कहा कि ‘यह हैरान करने वाली स्थिति है, जब संघ लोक सेवा आयोग के जरिए देश की सेवा करने का सपना देखने वाले छात्रों और उनके परिजनों का सपना बर्बाद हो गया। इसमें मुआवजा दिया जाना चाहिए, लेकिन कोई भी मुआवजा इस हादसे की भरपाई नहीं कर सकता। कई ऐसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। नियमों का गंभीर रूप से उल्लंघन हुआ। फायर सेफ्टी, बाढ़ सुरक्षा जैसे नियमों की अनदेखी की गई। ऐसे मामलों में निगम की भी जिम्मेदारी बनती है क्योंकि सभी जरूरी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट बिना जांच के दिए गए।’

बांसुरी स्वराज ने की दिल्ली हादसे की जांच गृह मंत्रालय की समिति से कराने की मांग
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में दिल्ली की घटना पर कहा कि ‘जिन छात्रों की मौत हुई, वह दिल्ली में रहकर आईएएस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन दुख के साथ मुझे कहना पड़ेगा कि दिल्ली सरकार ने लापरवाही बरती, जिसकी वजह से छात्रों को जान गंवानी पड़ी। तीन छात्रों की मौत दिल्ली सरकार की संवेदनहीनता दर्शाती है, जो दिल्ली में बीते एक दशक से सत्ता में है, लेकिन दिल्ली के लोगों के लिए कोई काम नहीं किया गया। बीते दो वर्षों से एमसीडी पर भी आम आदमी पार्टी का कब्जा है, दिल्ली जल बोर्ड भी उनके नियंत्रण में है। ओल्ड राजेंद्र नगर के निवासी स्थानीय विधायक, पार्षद और अधिकारियों से शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। मैं मांग करती हूं कि गृह मंत्रालय एक समिति बनाकर इस मामले की जांच करे।’


















