Parliament : लोकसभा में कंगना रणौत ने सीआईएसएफ कर्मियों की जांच के निगरानी प्रणाली की मांगी जानकारी

डिजीटल डेस्क : Parliamentलोकसभा में कंगना रणौत ने सीआईएसएफ कर्मियों की जांच के निगरानी प्रणाली की मांगी जानकारी। हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद कंगना रणौत ने लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सवाल पूछा कि क्या सरकार के पास एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ कर्मियों की जांच के लिए कोई निगरानी प्रणाली है ताकि उन पर किसी भी नकारात्मक प्रभाव का पता लगाया जा सके, जिसके परिणामस्वरूप यात्रियों के साथ कई बार बुरा व्यवहार होता है। बता दें कि भाजपा सांसद बनीं लोकसभा चुनाव में जीत के बाद कंगना नई दिल्ली जाने के क्रम में रणौत को कथित तौर पर चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर चंद दिनों पहले एक महिला सीआईएसएफ कांस्टेबल ने थप्पड़ मारा था। उसी क्रम में सांसद ने लोकसभा में यह जानना चाहा कि क्या सरकार के पास एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ कर्मियों की जांच के लिए कोई निगरानी प्रणाली है या नहीं।

भाजपा सांसद का नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने दिया जवाब

हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रणौत ने सीधे नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सवाला किया था तो सरकार की ओर से सदन के पटल पर जवाब भी दिया दया। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक लिखित उत्तर में कहा कि एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) कर्मियों के पेशेवर आचरण को सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए उपायों में एक व्यक्तिगत सूचना प्रणाली, एक वेब-आधारित परियोजना शामिल है, जहां पर्यवेक्षी अधिकारियों की तरफ से तैनात कर्मियों की व्यक्तिगत और पेशेवर प्रोफ़ाइल को अपडेट किया जाता है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने बताया कि सभी सीआईएसएफ कर्मियों की व्यक्तिगत प्रोफाइल शीट और डोजियर यूनिट स्तर पर बनाए रखा जाता है और इसे अगली पोस्टिंग के स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाता है।

सीआईएसएफ कर्मियों के सोशल मीडिया पर गतिविधियों की भी होती है निगरानी

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने कहा कि व्यक्ति की व्यक्तिगत प्रोफाइल शीट में विशिष्ट टिप्पणियों/टिप्पणियों को सार्वजनिक इंटरफेस पर तैनात करते समय ध्यान में रखा जाता है। केंद्रीय मंत्री मोहोल ने बताया कि, सीआईएसएफ कर्मियों की सोशल मीडिया निगरानी इकाई/क्षेत्र/सेक्टर स्तर पर की जाती है, ताकि कुछ नकारात्मक तत्वों की संलिप्तता/प्रभाव के बारे में पता लगाया जा सके।” उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ कर्मियों की मनोवैज्ञानिक स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए प्रत्येक इकाई/हवाई अड्डे पर संरक्षक और मित्र जोड़ी प्रणाली भी लागू की गई है। मंत्री के अनुसार, सीआईएसएफ कर्मियों को नियमित रूप से व्यवहार का पता लगाने/सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ कर्मियों के मनोबल और प्रेरणा को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से इकाई स्तर पर प्रेरक और जागरूकता सत्र आयोजित किए जाते हैं ताकि वे अपने कर्तव्यों को लगन और पेशेवर तरीके से निभा सकें।

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