नई दिल्ली: देश भर में ईडी दफ्तर के बहार कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा कि मौजूदा संवैधानिक संस्थाओं पर इस सरकार में कई बार सवाल उठ चुका है। सरकारी एजेंसियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। इन एजेंसियों ने भी उद्योगपतियों को तुरंत तुरंत फायदा पहुंचाया है। इसमें सेबी जैसी संस्था भी शामिल है। मौजूदा सरकार कुछ उद्योगपतियों के नाम सरकारी संपतियां कर रही है।
हिंडनबर्ग के रिपोर्ट ने सेबी को भी एक्सपोज़ किया है। हमारा यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होता है। भाजपा के सदस्यता अभियान को लेकर प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियां समय समय पर सदस्यता अभियान चलाती है लेकिन भाजपा ने लोकसभा चुनाव के बाद जिस तरह से सदस्यता अभियान की शुरुआत की है वह कहीं न कहीं यह समझने के लिए पर्याप्त है कि वह कमजोर हो गई है और एक बार फिर से बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वह खुद को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
भाजपा को यह अहसास हो गया है कि जमीनी स्तर पर वह कमजोर हो गयी है। इसके साथ ही कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी और हत्या मामले में उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। दोषियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, सरकार की कुछ कमियां थी, कानून में संशोधन किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बंगाल की घटना नहीं है, महिला खिलाडियों के साथ भी शोषण का मामला सामने आया था, शोषण करने का आरोप भाजपा नेता पर लगा था।
मणिपुर में भाजपा के शासन के बावजूद महिलाओं के साथ हिंसा होती रही। बिहार में भी महिलाओं के प्रति हिंसा बढ़ा है। भाजपा सरकार जहां भी है वहां महिलाओं के खिलाफ हिंसा में सरकार विफल ही रही है। इस तरह के घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई तो देश में आंदोलन जरूर होगा।
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पटना से अविनाश सिंह की रिपोर्ट
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