चैनपुर. थाना क्षेत्र के मड़ईकोना गांव में शुक्रवार को टीबी बीमारी की देशी दवा (जड़ी बूटी) खाने से दो लोगों की मौत हो गयी। इस मामले में रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मड़ईकोना गांव पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। साथ टीम ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
मड़ईकोना गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
मौके पर उपस्थित गुमला सिविल सर्जन डॉ नवल कुमार ने उपस्थित ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि आप किसी भी बीमारी में जड़ी बूटी की दवाइयों का प्रयोग न करें। जड़ी बूटी की दवाइयां शरीर में गलत असर कर सकती है। आपके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध है। आप बीमार होने पर डाक्टरों से सलाह लें। वैध के चक्कर में न पड़ें।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया जागरूक
वहीं मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर उनका विसरा फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि उनके शरीर में किस प्रकार का प्वाइजन पोइजन था। वहीं सिविल सर्जन के द्वारा लोगों को सर्प दंश के बारे में जागरूक करते हुए बताया गया कि आप कभी भी घर में जमीन के नीचे न सोएं। सोने के लिए हमेशा खटिया या पलंग का इस्तेमाल करें। नीचे सोने से सांप काटने का खतरा रहता है।
इधर सिविल सर्जन के द्वारा चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया गया। प्रसव गृह सहित स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली और उपस्थित अस्पताल कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की बात कही।
सुंदरम केशरी की रिपोर्ट
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