गिरिडीह: बरहेट, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विधानसभा क्षेत्र है, वहां मतदाताओं का जोश देखते ही बनता है। तलबिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय के 229 नंबर बूथ पर मतदान शुरू होने से एक घंटे पहले ही लंबी कतारें लग गईं। महिलाओं और पुरुषों दोनों में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह नजर आया।
सुबह 7:00 बजे मतदान शुरू होने से पहले ही लोग लाइन में खड़े थे। यहां “पहले मतदान, फिर काम” का नारा पूरी तरह चरितार्थ होता दिखा। ग्रामीण इलाकों से आई महिलाएं और पुरुष खेत-खलिहान के काम या मजदूरी पर जाने से पहले मतदान करने पहुंचे।
ग्रामीण मतदाताओं की यह जागरूकता शहरवासियों के लिए एक मिसाल पेश करती है। लोगों का कहना है कि वोट देना उनका पहला कर्तव्य है, जिसे वे किसी भी स्थिति में टाल नहीं सकते।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार का भविष्य बरहेट सहित पूरे झारखंड के मतदाताओं के फैसले पर निर्भर है। इस बार चुनावी नतीजे झारखंड की राजनीतिक दिशा तय करेंगे। ग्रामीणों की यह सक्रियता साफ संकेत देती है कि वे अपने अधिकारों को लेकर सजग हैं और राज्य के विकास में योगदान देने को तैयार हैं।
झारखंड में जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र को मजबूती देते हैं, और बरहेट इसका जीवंत उदाहरण है।


















