रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना की शुरुआत हो चुकी है और पहले रुझान आने शुरू हो गए हैं। पोस्टल बैलेट की गिनती पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि ईवीएम की गिनती कुछ ही देर में शुरू होगी, जिससे जल्द ही ताजे रुझान सामने आने की उम्मीद है। इस चुनाव में सबसे ज्यादा ध्यान कोल्हान और संथाल परगना क्षेत्र पर केंद्रित है, जो राज्य की सत्ता के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
कोल्हान में भाजपा की बढ़त की उम्मीद
कोल्हान क्षेत्र में इस बार भाजपा और जेएमएम के बीच कांटे की टक्कर है। बीजेपी ने चंपई स्वरण और अर्जुन मुंडा जैसे प्रभावशाली नेताओं को मैदान में उतारा है, और उनकी उम्मीद है कि इससे पार्टी को सीटों में बढ़त मिलेगी। कोल्हान क्षेत्र में 14 सीटें हैं, जहां पर पिछले चुनावों में भाजपा ने 5 सीटें हासिल की थीं, लेकिन इस बार पार्टी को यहां अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास करना होगा। बीजेपी का लक्ष्य 5-7 सीटें जीतने का है, जो राज्य की सत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
संथाल परगना: जेएमएम का गढ़ और भाजपा की चुनौती
संथाल परगना में जेएमएम का दबदबा है, और बीजेपी को यहां अपनी पकड़ बनाने में मुश्किलें आ सकती हैं। इस क्षेत्र में 4 सीटों पर भाजपा की स्थिति मजबूत नहीं है, लेकिन पार्टी ने यहां भी प्रचार करने की पूरी कोशिश की है। भाजपा का रणनीतिक फोकस संथाल परगना में सीटों में बढ़त लाने पर है, ताकि सत्ता की राह आसान हो सके। हालांकि, यह भी देखा जाएगा कि क्या भाजपा का घुसपैठ का मुद्दा वहां के मतदाताओं पर असर डालता है या नहीं।
चुनाव के परिणामों पर नजर
चुनाव के परिणामों के पहले रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि कोल्हान और संथाल परगना की सीटें सत्ता की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इन दोनों क्षेत्रों में चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा है, और पार्टी के लिए यहां से बढ़त प्राप्त करना राज्य की सत्ता में आने की कुंजी हो सकता है। मतगणना के अंतिम परिणाम दोपहर तक साफ हो जाएंगे, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि कोल्हान और संथाल परगना की लड़ाई में किसकी बढ़त बनी है।



















