Gumla : गुमला में जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में बुधवार को सड़क सुरक्षा के संबंध में एक विशेष समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जनवरी 2024 से अक्टूबर 2024 तक हुई सड़क दुर्घटनाओं और उनसे संबंधित आंकड़ों की गहन समीक्षा की गई।
Gumla : दुर्घटनाओं के आंकड़े और कारण
इस अवधि में कुल 184 सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आए, जिनमें 176 दुर्घटनाएं घातक रहीं। इसके अतिरिक्त, 45 प्रमुख एवं 2 मामूली चोट के मामले दर्ज किए गए। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में 14.29% की वृद्धि हुई है। दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड, रैश ड्राइविंग, नशे में वाहन चलाना, नाबालिगों द्वारा वाहन चालन, एवं यातायात नियमों का पालन न करना शामिल हैं।
विशेष रूप से, टू-व्हीलर चालकों से जुड़े 119 दुर्घटनाओं के मामले सामने आए, जिनका मुख्य कारण तेज गति और यातायात नियमों का उल्लंघन था।
परिवहन विभाग की कार्रवाई
परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्ती दिखाते हुए जनवरी से अक्टूबर तक 459 नागरिकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए। इनमें 11 मामले ओवरलोडिंग, 21 ड्रिंक ऐंड ड्राइव और 404 मामले बिना हेलमेट वाहन चलाने के थे। नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए इस वर्ष 3012 नए ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को सड़क सुरक्षा पर काउंसलिंग दी गई।
उपायुक्त द्वारा निर्देशित प्रमुख कदम
बैठक के दौरान उपायुक्त ने दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु निम्नलिखित निर्देश दिए:
- ब्लाइंड स्पॉट्स की पहचान: उन नए स्थानों को चिह्नित किया जाए जहां बार-बार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। एवं सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- हेलमेट जांच अभियान: हेलमेट उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जांच अभियान को और सख्त किया जाए।
- मृतकों के परिजनों को मुआवजा: दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाए।
- जागरूकता अभियान: यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
बैठक में सहभागिता
इस बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी गुमला सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाने पर बल दिया।
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