डिजिटल डेस्क : किसानों में सरकार से मुकाबले की शक्ति नहीं, बोले किसान नेता पंढेर। रविवार शाम को किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि – ‘हमारी शक्ति इतनी नहीं है कि हम सरकार का मुकाबला कर सकें। कल सोमवार को फिर किसान संगठनों की बैठक होगी. उसके बाद आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला किया जाएगा’।
पंढेर बोले – सरकार बातचीत से हल नहीं निकालना चाहती…
रविवार को भी पंजाब-हरियाणा बार्डर पर किसानों का दिल्ली कूच रोके जाने पर नाराज किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने सरकार पर हमला बोला।
पंढेर ने कहा कि – ‘…सरकार को नहीं लगता है कि बातचीत करके मसले का हल निकाला जाए। बिट्टू जी तालिबान जैसे नए शब्द लाए। खालिस्तानी, पाकिस्तानी, चीनी जैसे शब्द तो हमने सुने थे। आज मीडिया को भी खालिस्तानी कह दिया गया।पहले से ज्यादा हम अनुशासित थे। डीजीपी ने एक किलोमीटर दूर मीडिया को रखा।
आज मीडिया को रोका गया और कहा गया कि डीजीपी पंजाब का आदेश है। प्रशासन ने चालें चलीं। फूल बरसाने के 2 मिनट बाद आसू गैस के गोले छोड़े गए। आज पहले से ज्यादा जहरीली गैस थी। रबर को गोलियां चलाई गईं। 6 में से 3 रेस्क्यू टीम पर हमला किया गया। कुल आज 9 किसान घायल हुए।
…रविवार दोपहर 12 बजे से पौने चार बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से बढ़ने की कोशिश की। हमारी शक्ति इतनी नहीं है कि सरकार की लगाई शक्ति का मुकाबला कर सके। इसका हल क्या है? सरकार मांगे मान नहीं रही ये सवाल मीडिया बार बार पूछ रहा है। हमारी शक्ति इतनी नहीं है कि हम सरकार का मुकाबला कर सकें’।

पंढेर बोले – सोमवार को फिर से होगी किसान संगठनों की बैठक, बनेगी रणनीति
सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि – ‘किसान अपने मंचों-संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा की बैठक के बाद अपनी अगली कार्रवाई तय करेंगे। दोनों फोरम ने मीटिंग करके फैसला लिया कि आज का जत्था वापस बुला रहे हैं। सोमवार को दोनों फोरम की मीटिंग होगी, फिर आगे का फैसला लिया जायेगा। आंदोलन अभी जारी रहेगा।
रविवार एक किसान को गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराया गया है और 8 से 9 किसान घायल हैं। इसलिए हमने जत्था वापस ले लिया है। सोमवार की बैठक के बाद हम भविष्य के कार्यक्रम के बारे में बताएंगे।
…हम लोग दोनों फोरम की मीटिंग करेंगे। खनौरी, डबवाली की परिस्थितियां को देखते हुए निर्णय लिया है। सोमवार दोनों फोरम मीटिंग करके कल शाम को बता दिया जाएगा’।

दोनों बार दिल्ली कूच के दौरान आंसू गैस के गोलों से किसानों के घायल होने का दावा…
पंजाब-हरियाणा सीमा पर शंभू बॉर्डर के विरोध स्थल से दिल्ली के लिए कूच के दौरान रविवार और इससे पहले भी हुए कूच के दौरान किसान नेताओं ने पुलिस के आंसू गैस के गोलों से अपने साथी किसानों के घायल होने का दावा किया है। किसानों ने दावा किया है कि आंसू गैस के गोले रुक-रुक कर छोड़े गए जिससे रविवार को 5 किसान जख्मी हुए।

इसके पहले बीते शुक्रवार को भी किसान संगठन दिल्ली की ओर कूच कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। उस समय भी आंसू गैस के गोले से करीब 16 किसान घायल हो गये थे। गैस के कारण किसानों को कुछ मीटर पीछे हटना पड़ा, जिनमें से कई ने अपने चेहरे ढके हुए थे और सुरक्षात्मक चश्मा पहने हुए थे।
कुछ ने गीले जूट के बैग से गोले को ढकने की कोशिश की। किसानों ने दावा किया कि हमले में एक प्रदर्शनकारी घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

















