रांची: झारखंड सहित पूरे देश में 10 मार्च 2025 से पेपरलेस तरीके से डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से ई-पासपोर्ट बनाना शुरू किया जाएगा। इसके लिए विदेश मंत्रालय ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस नई प्रणाली के तहत एम पासपोर्ट ऐप का नया वर्जन ‘पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट 2.0’ लॉन्च किया जाएगा।
इस नई सेवा में नवीनतम बायोमीट्रिक्स तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस डाटा एनालिसिस, चैट बॉट, लैंग्वेज प्रिफरेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग किया जाएगा। इससे पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अधिक सरल और तेज होगी, साथ ही आवेदकों का डेटा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित रहेगा।
पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट 2.0 के तहत आवेदक मौके पर ही डिजिटल हस्ताक्षर कर सकेंगे, जो सीधे ग्रांटिंग अधिकारी तक पहुंच जाएगा। इससे अप्वाइंटमेंट की प्रक्रिया तेज होगी और पुलिस वेरिफिकेशन के बाद एक सप्ताह से भी कम समय में पासपोर्ट जारी हो सकेगा। इस संबंध में झारखंड पुलिस को पासपोर्ट कार्यालय से पत्र भेजा गया है और पुलिस अधिकारियों को इस नई प्रणाली की ट्रेनिंग भी दी गई है।
इसके अलावा, रीजनल पासपोर्ट ऑफिस ने झारखंड पुलिस को पहले से लंबित पुलिस वेरिफिकेशन मामलों का निपटारा 7 मार्च 2025 तक करने का अनुरोध किया है ताकि ई-पासपोर्ट सेवा की प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।


















