रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के कटहल मोड़-अरगोड़ा रोड चौड़ीकरण से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में मृत रैयतों के नाम पर जारी नोटिस को रद्द कर दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की कोर्ट ने शुक्रवार को यह आदेश देते हुए संबंधित प्राधिकरण को नए सिरे से सही प्रक्रिया अपनाने और उचित नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता देव कुमार पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि रांची में सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हैं। अधिग्रहण नोटिस उन रैयतों (जमीन मालिकों) के नाम पर भी जारी कर दिया गया, जो अब जीवित नहीं हैं। उन्होंने कोर्ट से अपील की कि गलत तरीके से जारी किए गए इन नोटिसों को तत्काल रद्द कर नए सिरे से सही प्रक्रिया अपनाई जाए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने मृत रैयतों के नाम जारी सभी नोटिसों को अमान्य करार देते हुए रद्द कर दिया। साथ ही, संबंधित प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और कानूनी रूप से सही तरीके से पूरा करें।
अदालत के इस फैसले के बाद अब प्राधिकरण को नए सिरे से जीवित रैयतों की पहचान कर सही नामों पर भूमि अधिग्रहण नोटिस जारी करने होंगे। यह फैसला भविष्य में भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं में होने वाली प्रशासनिक लापरवाहियों को रोकने में मदद करेगा।
झारखंड हाईकोर्ट का यह आदेश भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब देखना होगा कि प्रशासन नए निर्देशों का पालन कैसे करता है।


















