रांची : झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में सिविल जज नियुक्ति में खेल कोटे का लाभ नहीं देने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर अदालत ने भारतीय ओलिंपिक संघ (आइओए) से जवाब मांगा है. मामले में अगली सुनवाई 19 जनवरी को निर्धारित की गई है.
इस संबंध में मयंक ठाकुर की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. सुनवाई के दौरान कहा गया कि जेपीएससी ने वर्ष 2018 में सिविल जज (जूनियर डिविजन) की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था. प्रार्थी ने नियुक्ति में खेल प्रमाण पत्र दिया था, लेकिन उन्हें खेल कोटे का लाभ नहीं दिया गया. जबकि उन्होंने आइओए से संबद्ध संस्था स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से खेल प्रमाण पत्र प्राप्त किया है. सुनवाई के दौरान आइओए ने कहा कि वर्तमान में संस्था उनके यहां संबद्ध नहीं है. इस पर प्रार्थी ने कहा कि वर्ष 2010 तक संस्था आइओए से संबद्ध थी. इस पर अदालत ने आइएओ से जवाब मांगा है. इस मामले में जेपीएससी का कहना है कि प्रार्थी की नियुक्ति इसलिए नहीं की गई है, क्योंकि इनकी ओर से दिया गया खेल प्रमाण पत्र विज्ञापन के अनुरूप नहीं था.
रिपोर्ट : प्रोजेश

















