बोकारो : सदर अस्पताल से लगातार निकल रही है एक्सपायरी दवाई. यह दवाइयां बहुत महंगी हैं साथ ही जनउपयोगी भी. लेकिन अब यह दवाएं काम नहीं आ सकती हैं क्योंकि यह एक्सपायर हो चुकी हैं.
पिछले दिनों भी बोकारो के सदर अस्पताल के शौचालय में भारी मात्रा में एक्सपायरी दवा पायी गया थी जो करीब लाखों रुपए की बतायी जा रही है. गुरुवार को फिर एक बार बोकारो सदर अस्पताल के एक क्वार्टर से भारी मात्रा में एक्सपायरी दवा मिली है. जिसकी गेट पर बाहर से ताला लटका हुआ है यही नहीं दो और कमरे में भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां मिली है जो करीब लाखों रुपए की बताई जा रही है. इस बार जो दवाई मिली है वह पहले की अपेक्षा ज्यादा मात्रा में है और पेटी का सील खुलने से पहले ही एक्सपायर हो गया दवा. दवा का अनुमानित मूल्य करीब 50 लाख रूपए बताया जा रहा है लेकिन इस बारे में ज्यादा कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं कि इतनी भारी मात्रा में मिली दवाई का मूल्य कितना होगा. जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि इस पर जांच कमिटी बैठा दी गयी है जांच जारी है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन कमरों में एक्सपायरी दवा रखी गई उसकी चाभी तक नहीं मिल रही है. या यूं कहें की चाबी को ही गायब कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कह रहे हैं की चाबी किसके पास है पता नहीं है जानकारी ली जा रही है.
आखिर जीवन रक्षक यह दवाई कैसे एक्सपायर हो गयी, किसकी कमी से एक्सपायर हो गयी, लंबी जांच प्रक्रिया के बाद इस पर क्या नतीजा निकलेगा यह तो भविष्य के गर्भ में हैं लेकिन जब इतनी भारी मात्रा में दवाइयों की जरूरत नहीं थी तो खरीदी क्यों गई. जनता के पैसों की बर्बादी क्यों किया गया, जबकि कोरोना जैसी महामारी दस्तक दे चुकी थी. इन सारे सवालों का जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं है.
बोकारो सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर संजय कुमार इसे साल 2018 की दवा बता रहे हैं और पुरानी दवा का हवाला देते हुए एक्सपायरी की बात कह रहे हैं. लेकिन दवाई जो एक्सपायरी मिली है उसमें एक्सपायरी का डेट साल 2021 बताया जा रहा है.
वहीं सिविल सर्जन का कहना है कि पूरे मामले को लेकर एक जांच कमेटी बना दी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.
रिपोर्ट : चुमन कुमार
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