सिमडेगा मॉब लिंचिंग की हो सीबीआई जांच, मृतक के परिजनों को मिले 10 लाख मुआवजा- बाबूलाल

रांची : झारखंड में चार जनवरी को दो बड़ी घटनाएं हुई. एक मनोहरपुर की घटना की घटना है और दूसरी घटना सिमडेगा में हुई. गोयलकेरा थाना क्षेत्र के मनोहरपुर के पूर्व भाजपा विधायक गुरुचरण नायक पर एक कार्यक्रम के दौरान नक्सलियों ने हमला कर दिया, जिसमें पूर्व विधायक ने किसी तरह से अपनी जान बचायी. लेकिन इस घटना में दो बॉडीगार्ड शहीद हो गए. उक्त बातें झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कही.

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने दूसरी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सिमडेगा के बेसराजारा में मॉब लिंचिंग की घटना हुई. इन दोनों जगहों पर बीजेपी प्रतिनिधिमंडल गई और वहां के हालात का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि 7 दिसंबर को बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल सिमडेगा में संजू प्रधान के परिजनों से मुलाकात की. मृतक की पत्नी सपना देवी सहित परिवार के अन्य सदस्यों से बात की. इस दौरान परिवारवालों ने बताया कि घर के सामने हाट लगता है जिसमें प्रतिबंधित मांस बिकता था जिसका विरोध मृतक किया करते थे.

बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने बेसराजारा मॉब लिंचिंग मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है. वहीं मृतक के पत्नी को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग की. उन्होंने कहा कि अपराध के लिए कानून पहले से ही बना हुआ है उसी आधार पर कार्रवाई हो. बाबूलाल ने हेमंत सोरेन पर तंज कसते हुए कहा कि वे जब तक मुख्यमंत्री रहेंगे तब तक झारखंड में अमन चैन नहीं हो सकता है.

बाबूलाल मरांडी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जिन 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनकी इस हत्या से कोई लेना नहीं है. जो मुख्य आरोपी हैं उन्हें अब तक पुलिस ने गिरफ्तार नहीं की है. जिससे लगता है कि पुलिस मामले को रफा-दफा करने में लगी है. घटना के दिन एसपी और डीसी नहीं पहुंचे बल्कि अगले दिन दोनों अधिकारी वहां पहुंचे.

बाबूलाल ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि हत्या से पहले बम्बेलकेरा में मीटिंग होती है और फिर मृतक को उसके घर से उठाकर पीटते हुए ले जाता है. मौके पर पुलिस भी मौजूद थी लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं बचाया. इस घटना से ऐसा लगता है कि पूरी वारदात सोची समझी साजिश के तहत हुई है. घटना के पीछे सफेदपोश का भी हाथ है. शायद इसी वजह से पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है. बड़ी वारदात को प्रशासन ने दबाने की कोशिश की. घटना के बाद भी पुलिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. थानेदार पर कार्रवाई न होना दुर्भाग्यपूर्ण है.

बता दें कि मॉब लिंचिंग में मारे गए संजू प्रधान के परिजनो से मिलने बाबूलाल मरांडी बेसराजारा पहुंचे थे. मुलाकात के बाद उन्होंने घटना के लिए पुलिस को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए सिमडेगा के एसपी और ठेठईटांगर के थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की. बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी और देखरेख में घटना को अंजाम दिया गया.

रिपोर्ट : मदन सिंह

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