रांची : स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को 43वां दिन भी जारी रहा. पेयजल विभाग अंतर्गत कार्यरत स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कर्मी अपने समायोजन की मांग को लेकर पिछले 43 दिनों से राजभवन के समीप धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने कार्यरत कर्मी को हटाकर उनकी जगह में ही नई नियुक्ति प्रक्रिया अपनाने के लिए निर्देश जारी किया है. इसी नियुक्ति प्रक्रिया के विरोध में कर्मी लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.

इसी को लेकर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अनुबंध कर्मचारी महासंघ के शिष्टमंडल के साथ पेयजल स्वच्छता विभाग के सचिव के साथ वार्ता की जो विफल हो गई. इसी क्रम में मंगलवार को 2 सदस्य शिष्टमंडल अपने समायोजन की मांगों को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार के साथ भेंटवार्ता किया. भेंट वार्ता के क्रम में शिष्ट मंडल के द्वारा मांग पत्र सौंपते हुए महासंघ के महासचिव कौशर आजाद ने आग्रह किया कि झारखंड राज्य अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी को हटाकर उनकी जगह में नई नियुक्ति प्रक्रिया अपनाई जा रही है. उक्त नियुक्ति प्रक्रिया पर अविलंब रोक लगे एवं सभी कर्मचारियों का समायोजन हो. इस विषय पर सचिव ने बताया कि समायोजन नहीं हो सकता है, क्योंकि सरकार का यही निर्णय है. वार्ता विफल होने के उपरांत महासंघ के अध्यक्ष सुमन मिश्रा ने सरकार के नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अनुबंध कर्मियों से किए गए सारे वादे झूठे निकले.
बता दें कि एसबीएमजी कर्मियों ने विरोध में अपने सपनों की अर्थी का श्राद्ध एवं पिंडदान कार्यक्रम का आयोजन 08 जनवरी को किया था. कर्मियों ने राजभवन के समीप स्थित धरना स्थल में ही हिंदू रीति-रिवाज से आध्यात्मिक मान्यता के अनुरूप अपने सपनों की अर्थी का विधिवत श्राद्ध एवं पिंडदान किया था.
रिपोर्ट : मदन सिंह
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