नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान की ओर से की गई आक्रामकता का जोरदार और सटीक जवाब दिया है। बीती रात पाकिस्तान ने हमास की रणनीति अपनाते हुए चीनी निर्मित सस्ते रॉकेट्स, मिसाइल्स और ड्रोन का इस्तेमाल किया। ये हमले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से लॉन्च किए गए थे और इन हमलों में आईएसआई और हमास के operatives के बीच एक गुप्त बैठक का हाथ था। लेकिन भारत की रक्षा सेनाओं ने इन हमलों को अपनी आधुनिक एयर डिफेंस तकनीक के जरिए तुरंत नष्ट कर दिया, जिससे पाकिस्तान के इन प्रयासों को विफल कर दिया गया।
भारत की सेनाओं ने अत्याधुनिक S-400, L70 और ZSU-23 एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए इन मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही तबाह कर दिया। इन हमलों का लक्ष्य बिल्कुल सटीक था और इस कार्रवाई से संयुक्त राष्ट्र संघ की युद्ध संहिता का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। हालांकि, पाकिस्तान द्वारा भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों और नागरिक क्षेत्रों पर किए गए हमले को युद्धकृत कृत्य माना जा सकता है।
भारत की वायु श्रेष्ठता इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण साबित हुई। भारतीय वायु सेना (IAF) और ड्रोन हमलों ने वायु सुरक्षा से आगे बढ़ते हुए वायु प्रभुत्व की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाया। इस स्थिति से यह साफ जाहिर हो गया है कि भारत अब एयर डोमिनेंस की ओर बढ़ चुका है, और पाकिस्तान को अपनी आक्रामकता के परिणामों के लिए तैयार रहना होगा।
अगर पाकिस्तान ने अपनी आक्रामकता को और बढ़ाया, तो उसे और भी गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, बलूच अलगाववादी भी पाकिस्तान की सेना पर लगातार हमले कर रहे हैं, जिससे पाकिस्तान के भीतर असंतोष और अस्थिरता का संकेत मिल रहा है।
वैश्विक समर्थन:
भारत के खिलाफ पाकिस्तान की आक्रामक कार्रवाइयों को वैश्विक समुदाय से व्यापक समर्थन मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य प्रमुख देशों ने पाकिस्तान के आतंकवादी रवैये की निंदा की है और भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। भारत के विदेश मंत्री ने अमेरिका के विदेश मंत्री से सीधी बातचीत कर भारत का रुख स्पष्ट किया, और यूरोपीय संघ ने भी पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीतियों की आलोचना की है।
भारत द्वारा पाकिस्तान के अंदर स्थित आतंकवादी संगठनों को नष्ट करने के प्रयासों को वैश्विक स्तर पर स्वीकृति मिल रही है। पहलगाम और जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में भारत की सैन्य कार्रवाइयों को भी पूरी दुनिया से समर्थन मिल रहा है। अब पाकिस्तान के लिए यह संभव नहीं रह गया है कि वह आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली अपनी नीतियों से बच सके।
आज भारतीय रक्षा मंत्री के निवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति और पाकिस्तान के खिलाफ भारत की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में भारत की सुरक्षा रणनीतियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।


















