रांची: झारखंड चैंबर की रियल एस्टेट व अर्बन डेवलपमेंट उप समिति की बैठक सोमवार को चैंबर भवन में समिति के चेयरमैन अंचल किंगर और आलोक सरावगी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
समिति ने बिल्डरों के रजिस्ट्रेशन की वैधता तीन वर्षों के लिए निर्धारित करने की मांग एक बार फिर दोहराई। उप समिति ने बताया कि इस मुद्दे पर विभाग को कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
बैठक में यह भी जोर दिया गया कि अन्य राज्यों की तर्ज पर स्टैग पार्किंग को झारखंड में भी मान्यता दी जाए। इसे जल्द से जल्द विभागीय स्तर पर प्रस्तावित करने की आवश्यकता बताई गई।
अंचल किंगर और आलोक सरावगी ने संयुक्त रूप से कहा कि मास्टर प्लान और लैंड यूज का हर पांच वर्ष में रिव्यू और सुधार अनिवार्य है, लेकिन विभाग की ओर से इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। चैंबर ने सरकार से इस मुद्दे पर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चैंबर का नया भवन निर्माण के लिए रियल एस्टेट उप समिति सरकार से जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध करेगी। इस संबंध में सरकार को पत्राचार करने पर सहमति बनी।
बैठक में चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी, महासचिव आदित्य मल्होत्रा, पवन शर्मा, विकास मोदी, संजय परशुरामपुरिया समेत कई सदस्य उपस्थित थे।


















