रांची: रांची के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा मुंडा जैविक उद्यान से एक दुखद खबर सामने आई है। पिछले 11 वर्षों से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही हाइब्रिड मादा शेरनी प्रियंका की 21 मई की देर रात मौत हो गई। बच्चेदानी में गंभीर संक्रमण के कारण प्रियंका ने दम तोड़ दिया। उसकी उम्र लगभग 15 वर्ष थी।
जू प्रबंधन के अनुसार प्रियंका को वर्ष 2014 में बेंगलुरु के बनेरघट्टा चिड़ियाघर से लाया गया था। 21 मई की दोपहर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पशु चिकित्सकों की टीम ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन वह बच नहीं सकी।
डॉ. एमके गुप्ता की अगुवाई में रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय की एक विशेषज्ञ टीम ने शेरनी का पोस्टमार्टम किया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार प्रियंका की मौत की वजह बच्चेदानी में संक्रमण रही। विस्तृत जांच के लिए उसके अंगों के नमूने भेजे गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाइब्रिड नस्ल के शेरों की रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य से कम होती है, जिससे संक्रमण घातक हो जाता है।
जू में शेरनी नहीं बची, शशांक अकेला
प्रियंका की मौत के साथ ही जू में अब कोई भी शेरनी नहीं बची है। पिछले वर्ष शेरनी जया की किडनी रोग से मौत हो चुकी थी। अब सिर्फ शेर शशांक ही बचा है, जिसकी दहाड़ ही अब जू की शेरों वाली पहचान बनाए रखेगी। जू प्रबंधन ने बताया कि जल्द ही नई शेरनी लाने की तैयारी की जा रही है ताकि शेर शशांक को जोड़ीदार मिल सके और पर्यटकों को दोबारा शेर-शेरनी की जोड़ी देखने का मौका मिले।


















