गिरिडीहः माओवादी नेता प्रशांत बोस की गिरफ्तारी से नक्सली बौखलाए हुए हैं. नक्सली अपने नेता की गिरफ्तारी को लेकर प्रतिरोध दिवस मना रहें हैं. इसी प्रतिरोध दिवस के दौरान नक्सलियों ने जिले में जमकर उत्पात माचाया. जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बारागढ़ा गांव के समीप बराकर नदी पर बने पुल के एक हिस्से को उड़ा दिया. नक्सलियों ने सबसे सबसे पहले पुल के एक हिस्से को विस्फोट कर उड़ा दिया. नक्सलियों ने पुल के पास एक पर्चा भी छोड़ा है जिसमें मांग की गयी है कि वयोवृद्ध नेता के स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था सरकार करे.
दूसरी तरफ जिला मुख्यालय से महज सात किलोमीटर दूर मुफ्फसिल थाना इलाके के बाबा दुखिया महादेव धाम में 25 करोड़ की लागत से बने ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना के पानी टंकी के पास लगे 200 केवीए के ट्रांसफर को आईईडी लगाकर उड़ा दिया. साथ ही आईईडी लगाकर केबल भी उड़ा दिया. योजनास्थल पर मौजूद कर्मी अमन कुमार और बसंत तांती ने बताया कि माओवादियों ने निजी सिक्योरिटी गार्ड समेत तीनों कर्मियो के साथ मारपीट भी की और इनके मोबाइल भी लूट लिए. वही रविवार की सुबह घटना की जानकारी मुफ्फसिल थाना पुलिस के साथ औद्योगिक क्षेत्र के महतोडिह पुलिस पिकेट को मिली. इस घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र के गादी श्री रामपुर, उदनाबाद, मंझलाडीह समेत कई गावों की पेयजलापूर्ति ठप हो गयी है. इससे पहले भी इस इलाके में नक्सलियों ने कई बार घटना को अंजाम दिया है.

प्रशांत बोस की गिरफ्तारी का कर रहे विरोध
शनिवार को भी नक्सलियों ने मधुबन थाना क्षेत्र के जयनगर और खुखरा में 2 मोबाइल टॉवर को विस्फोट कर उड़ा दिया. वहीं नक्सलियों ने जनता की बीच भय बनाने के लिए इलाके में पोस्टरबाजी कर प्रतिरोध दिवस को सफल बनाने का आह्वान किया है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च अभियान जारी है.
नक्सली मना रहे प्रतिरोध दिवस
भाकपा माओवादी के शीर्षस्थ नेता प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों द्वारा प्रतिरोध दिवस मनाया जा रहा है. प्रशांत बोस और उनकी पत्नी शीला की गिरफ्तारी के बाद से नक्सली बौखलाए हुए हैं. इसलिए राज्य के कई हिस्से में नक्सली घटना को अंजाम दे रहे हैं. नक्सलियों ने 21 जनवरी से 26 जनवरी तक प्रतिरोध दिवस मनाने की घोषणा की है और 27 जनवरी को बंद का भी आह्वान किया है.
रिपोर्ट-आशुतोष
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