नई दिल्ली : देश के मुख्य चुनाव आयोग (ECI) ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद वोटर्स की फाइनल लिस्ट जारी कर दी है। चुनाव आयोग ने अभी थोड़ी देर पहले प्रेस कांफ्रेंस करके फाइनल सूची को जारी कर दी है। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आज यानी 30 सितंबर को चुनाव आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी है।
वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने से ही मतदान का अधिकार सुनिश्चित होता है – आयोग
आयोग के अनुसार, अब कोई भी मतदाता आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर अपने नाम और विवरण को देख सकता है। वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने से ही मतदान का अधिकार सुनिश्चित होता है, इसलिए आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी प्रविष्टियां अवश्य जांच लें।

विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं – चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। मृतकों और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाया गया है और जिन मतदाताओं ने अपना स्थानांतरण कराया था, उनके पते अपडेट किए गए हैं। इस बार आयोग ने तकनीकी साधनों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है ताकि मतदाताओं को पारदर्शी और सटीक लिस्ट उपलब्ध कराई जा सके।

पटना में ड्राफ्ट के मुकाबले बढ़े वोटर्स
फाइनल वोटर लिस्ट के अनुसार, पटना जिले में अब कुल 48 लाख 15 हजार 294 मतदाता हैं। जबकि एक अगस्त 2025 को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 46 लाख 51 हजार 694 मतदाता दर्ज थे। पटना में ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले 1.63 लाख वोटर्स बढ़ गए हैं। एक महीने तक चली दावा और आपत्ति की प्रक्रिया के बाद जिले में कुल एक लाख 63 हजार 600 नए वोटर्स जुड़ गए हैं। इसमें नए मतदाताओं का नाम जोड़ा गया, डुप्लीकेट और त्रुटिपूर्ण नाम हटाए गए और स्थानांतरण के मामलों को भी ठीक किया गया।
SIR के बाद 65.63 लाख वोटरों के कटे थे नाम – EC
बता दें कि एसआईआर प्रोसेस शुरू होने से पहले बिहार में कुल सात करोड़ 89 लाख 69 हजार 844 वोटर्स थे। फॉर्मेट लिस्ट में 65.63 लाख लोगों का नाम काटा गया था। एसआईआर प्रोसेस 25 जून से शुरू हुआ था। एक अगस्त को जारी फॉर्मेट वोटर लिस्ट में सात करोड़ 24 लाख पांच हजार 756 वोटर्स का नाम था, जिसमें 65.63 लाख लोगों का नाम कटा हुआ था। फॉर्मेट लिस्ट जारी होने के बाद चुनाव आयोग ने तीन लाख लोगों को नोटिस दिया था। इस दौरान 2.17 लाख लोगों ने नाम कटवाने का आवेदन दिया, जबकि 16.93 लाख लोगों ने नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया।
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16 लाख से लोगों ने नाम जोड़ने के लिए किया था आवेदन
आपको बता दें कि एक अगस्त से एक सितंबर तक 16 लाख 56 हजार 886 लोगों ने फॉर्म-6 भरकर नया नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया। दावा-आपत्ति में 36 हजार 475 ने नाम जोड़ने और दो लाख 17 हजार 49 ने नाम हटाने का आवेदन दिया। एक सितंबर से 30 सितंबर तक आए नए आवेदनों का निष्पादन अबतक नहीं हुआ है, जिसका निष्पादन एसआईआर प्रक्रिया खत्म होने के बाद एक अक्टूबर से होगा। अब नाम जुड़वाने के लिए आधार भी मान्य कर दिया गया है।
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