Dhanbad: पुलिस को मिली सफलता, प्रिंस खान गिरोह के 12 अपराधियों को किया गिरफ्तार

Dhanbad: धनबाद पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। भगोड़े अपराधी प्रिंस खान गिरोह के 12 सदस्यों को पुलिस ने हथियार, बम और नकदी के साथ गिरफ्तार किया है। धनबाद एसपी प्रभात कुमार ने अपने कार्यालय सभागार में प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय संगठित आपराधिक नेटवर्क को गहरा झटका लगा है।

Dhanbad: पुलिस को मिली सफलता

प्रिंस खान गुर्गे के सैफी उर्फ मेजर धनबाद के विभिन्न व्यवसायियों को फोन कर लगातार रंगदारी की मांग और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इन अपराधियों के आर्थिक स्रोतों का पता लगाने, शूटरों एवं समर्थकों के नेटवर्क को खत्म करने और हथियार खरीद-बिक्री चैनल को ध्वस्त करने के लिए धनबाद पुलिस विशेष अभियान चला रही थी।

Dhanbad: बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश

इसी दौरान 12-13 अक्टूबर की रात पुलिस को सूचना मिली कि प्रिंस खान गिरोह के सदस्य हथियारों से लैस होकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के इरादे से धनबाद पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजगंज थाना क्षेत्र से कई अपराधियों को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अपराधियों ने 9 सितंबर को राजगंज स्थित एक पेट्रोल पंप पर की गई फायरिंग की घटना में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया।

Dhanbad: प्रिंस खान गिरोह के 12 अपराधी गिरफ्तार

धनबाद पुलिस की कार्रवाई में कुल 12 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें गिरोह के शूटर, समर्थक और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े अपराधी शामिल हैं। अपराधियों के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर बैंकमोड़ थाना क्षेत्र से गिरोह द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार, बम और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। वहीं कतरास थाना क्षेत्र से भी अपराधी को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, जमशेदपुर के शातिर अपराधी भानु मांझी गिरोह के चार अपराधी को भी गिरफ्तार किया गया है।

Dhanbad: वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई सबूत भी मिले

पुलिस ने गिरोह के वित्तीय नेटवर्क पर भी करारा प्रहार किया है। गिरोह के अवैध पैसों के लेन-देन में शामिल विक्रम साव, पवन कुमार सिंह समेत सात लोगों को कतरास थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला है कि ये लोग रंगदारी से वसूले गए पैसों को विभिन्न खातों के जरिए गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाते थे। इनके पास से वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई सबूत भी मिले हैं। विशेष पुलिस टीम में सीटी एसपी ग्रामीण एसपी डीएसपी लॉ ऑर्डर, बाघमारा डीएसपी और कहीं थाना प्रभारी शामिल थे।

अनिल पांडेय की रिपोर्ट

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