अब परिवार नियोजन में पुरुषों की होगी सक्रिय भूमिका, राज्यभर में जागरूकता अभियान

पटना : संयम और सहयोग के संदेश के साथ बिहार में 21 नवंबर से प्रदेशव्यापी पुरुष नसबंदी पखवाड़ा शुरू हुआ है। परिवार नियोजन को बढ़ावा देने और स्वस्थ, खुशहाल परिवार के निर्माण के लिए यह अभियान 22 दिनों तक चलेगा। जिला अस्पतालों से लेकर उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी के साथ-साथ गर्भनिरोधक गोलियां, कॉपर-टी, अंतरा इंजेक्शन और साप्ताहिक गोली ‘छाया’ जैसे अस्थायी गर्भनिरोधक साधनों का नि:शुल्क वितरण भी किया जा रहा है।

स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार, पुरुष सहभागिता से ही होगा सपना साकार

इस पखवाड़े का थीम है स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार, पुरुष सहभागिता से ही होगा सपना साकार। जो परिवार नियोजन में पुरुषों की सक्रिय भूमिका को प्रोत्साहित करता है। 21 से 27 नवंबर तक दंपत्ति संपर्क सप्ताह मनाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर दंपत्तियों से संवाद करेंगे और उन्हें परिवार नियोजन के विकल्पों की जानकारी देंगे।इसके बाद 28 नवंबर से 12 दिसंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा, जिसमें विधायक, सांसद, पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य, शहरी स्थानीय निकाय, स्वास्थ्य कर्मी और सिविल सोसायटी के लोग जुड़कर अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाने में मदद करेंगे।सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए शहरों और ग्रामीण इलाकों में सास-बहू-बेटी सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।

ई-रिक्शा चलाकर परिवार नियोजन को लेकर सामाजिक संवाद को मजबूत किया जा रहा है

साथ ही सारथी वाहन (ई-रिक्शा) चलाकर परिवार नियोजन को लेकर सामाजिक संवाद को मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने पुरुष नसबंदी को सरल, सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया बताते हुए कहा है कि यह महिला बंध्याकरण की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक है और इसे कुशल चिकित्सकों द्वारा 15 मिनट में पूरा किया जाता है। साथ ही, सेवा लेने वाले पुरुषों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।

परिवार नियोजन पखवाड़ा : दंपत्ति संवाद से सामाजिक जागरूकता तक

राज्य स्वास्थ्य समिति ने एम्स, आईजीआईएमएस सहित सभी सिविल सर्जनों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अभियान को पूरी गंभीरता और व्यापकता से लागू करें ताकि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी महिलाओं से हटाकर पुरुषों सहित पूरे समाज में साझा की जा सके।यह अभियान बिहार में परिवार नियोजन को नई दिशा देने के साथ-साथ छोटे परिवार बनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। संयम और सहयोग की इस पहल से न सिर्फ परिवारों का बल्कि पूरे समाज का जीवन स्तर सुधरेगा, जो बिहार के विकास और खुशहाली की नींव बनेगा।अधिक जानकारी और शिविरों के बारे में जानने के लिए संबंधित जिला स्वास्थ्य कार्यालयों से संपर्क किया जा सकता है।

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