Excise Department Raid: हजारीबाग उत्पाद विभाग ने झारखंड–बिहार सीमा से लगे चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध देशी शराब निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया। कई दिनों से विभाग को यह सूचना मिल रही थी कि वृंदहा और डोमा पहाड़ी इलाके में बड़े पैमाने पर देशी शराब तैयार कर इसे झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भेजा जा रहा है। गुप्त सूचना की पुष्टि होते ही उत्पाद विभाग की टीम सक्रिय हो गई और देर रात विशेष छापेमारी अभियान को अंजाम दिया।
Excise Department Raid: 4000 किलो जावा महुआ और 400 लीटर तैयार शराब नष्टः
अभियान का नेतृत्व उत्पाद अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार ने किया। मौके पर पहुंचकर टीम ने पाया कि जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध कच्ची भट्टियां लगाकर शराब तैयार की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान विभाग ने:
- 4000 किलोग्राम जावा महुआ
- लगभग 400 लीटर तैयार देशी शराब
- शराब बनाने के ड्रम, भट्टियां, पाइप और अन्य उपकरणको मौके पर ही नष्ट कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार नष्ट की गई सामग्री और शराब का कुल मूल्य लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये आंका गया है।
Excise Department Raid: तस्करों की पहचान जारी, नेटवर्क पर आगे और कार्रवाई होगी
अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार ने बताया कि यह इलाका लंबे समय से शराब तस्करों का छिपा अड्डा बना हुआ था। स्थानीय नेटवर्क के सक्रिय होने से यह शराब सीमावर्ती गांवों, हाइवे और पास के जिलों तक पहुंच रही थी। उन्होंने कहा कि टीम ने कई अहम सुराग जुटाए हैं और इस अवैध सिंडिकेट से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है।
विभाग ने बताया कि अब नए ढंग से तस्करी करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी तथा ऐसे संगठित अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पर्यावरण और राजस्व को भारी नुकसानः
अधिकारियों ने यह भी बताया कि अवैध देशी शराब निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे—
- सरकार को राजस्व की हानि
- जंगल और पहाड़ों में अवैध जलाने से पर्यावरण को नुकसान
- स्थानीय समुदायों के स्वास्थ्य पर खतरा
प्रशासन का मानना है कि ऐसे धंधे पर अंकुश लगाना सामाजिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए बेहद जरूरी है।
सीमा क्षेत्रों में अभियान तेजः
उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया कि झारखंड–बिहार सीमा से सटे क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने जनता से भी अपील की है कि ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस या उत्पाद विभाग को दें।
रिपोर्टः शशांक शेखर
Highlights


