पुलिस मुख्यालय ने जिलों से बजट उपयोग की रिपोर्ट मांगी। अप्रयुक्त राशि समय पर सरेंडर नहीं करने पर कार्यालय प्रधान और लेखापाल पर जवाबदेही तय होगी।
Jharkhand Police Budget Review रांची: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने चालू वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट के उपयोग की विस्तृत समीक्षा शुरू कर दी है। विभागवार आवंटित राशि, अब तक हुए व्यय और शेष राशि के उपयोग की संभावना को लेकर सभी जिलों और इकाइयों से अद्यतन जानकारी मांगी गई है। डीजीपी के निर्देश पर डीआईजी बजट ने संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रत्येक मद में खर्च की स्थिति स्पष्ट रूप से बताई जाए।
Jharkhand Police Budget Review: व्यय न होने की स्थिति में राशि होगी सरेंडर
पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि जिन मदों में आवंटित राशि खर्च नहीं हुई है और आगे उपयोग की संभावना भी नहीं है, वहां राशि को तुरंत सरेंडर किया जाए, ताकि इसे अन्य जरूरतमंद कार्यालयों और इकाइयों को पुनः आवंटित किया जा सके। अप्रयुक्त राशि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से काफी पहले सरेंडर करने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
Key Highlights
पुलिस मुख्यालय ने बजट उपयोग की समीक्षा शुरू की
जिलों से खर्च और शेष राशि की अद्यतन रिपोर्ट मांगी
अप्रयुक्त राशि तुरंत सरेंडर करने का निर्देश
समय पर राशि न लौटाने पर कार्यालय प्रधान और लेखापाल जिम्मेदार
UC मदवार उपलब्ध कराना अनिवार्य, अतिरिक्त राशि की मांग भी समय से करें
Jharkhand Police Budget Review: समय पर सरेंडर नहीं किया तो तय होगी जवाबदेही
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी राशि को समय पर वापस नहीं किया गया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख और लेखापाल की होगी। साथ ही राशि की निकासी के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र UC मदवार प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि किसी मद में अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता है, तो उसकी मांग भी जेल समय में भेजने को कहा गया है।
Jharkhand Police Budget Review: किस-किस को भेजा गया निर्देश
पत्र डीजी रेल, डीजी वायरलेस, एडीजी रेल, आईजी सीआईडी, विशेष शाखा, प्रोविजन, जैप, एसटीएफ, रेल और झारखंड पुलिस अकादमी हजारीबाग के निदेशक सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, जैप डीआईजी, रेल डीआईजी, डीआईजी जंगल वारफेयर स्कूल नेतरहाट और एससीआरबी समेत सभी पुलिस इकाइयों को भेजा गया है।
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