Hazaribagh Land Scam Update: जमीन घोटाले में बड़ा खुलासा, ACB जांच के दौरान म्यूटेशन के मूल रिकॉर्ड गायब

Hazaribagh Land Scam Update: एसीबी जांच में हजारीबाग भूमि घोटाले से जुड़े म्यूटेशन के मूल रिकॉर्ड गायब मिले, जमीन पर शोरूम होने का खुलासा।


Hazaribagh Land Scam Update : एसीबी की जांच में हजारीबाग भूमि घोटाले से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच के दौरान जिस जमीन पर तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों और कारोबारी की भूमिका सामने आई है, उसी जमीन से जुड़े म्यूटेशन के मूल रिकॉर्ड गायब या ट्रेसलेस पाए गए हैं। यह जानकारी एसीबी ने अपने हलफनामे के जरिए न्यायालय को दी है।

Hazaribagh Land Scam Update: एसीबी ने रिकॉर्ड मांगा, तो सामने आई सच्चाई

एसीबी ने भूमि घोटाले की जांच के क्रम में हजारीबाग जिला के सदर अंचलाधिकारी से जमीन के म्यूटेशन से संबंधित मूल रिकॉर्ड की मांग की थी। इसके जवाब में सदर अंचलाधिकारी ने बताया कि संबंधित जमीन के म्यूटेशन के मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। रिकॉर्ड के ट्रेसलेस होने को लेकर स्थानीय थाना में सनहा भी दर्ज कराया गया है।


Key Highlights

एसीबी जांच में हजारीबाग भूमि घोटाले के रिकॉर्ड गायब

म्यूटेशन के मूल दस्तावेज ट्रेसलेस होने की पुष्टि

रिकॉर्ड गायब जमीन पर बना है गाड़ियों का शोरूम

2010 के दाखिल खारिज और म्यूटेशन से जुड़ा मामला

तत्कालीन डीसी और अधिकारियों की भूमिका जांच के घेरे में

Hazaribagh Land Scam Update: जिस जमीन का रिकॉर्ड गायब, उसी पर बना शोरूम

एसीबी अधिकारियों के अनुसार जिस जमीन के म्यूटेशन से जुड़े मूल रिकॉर्ड गायब हैं, उसी जमीन पर कारोबारी विनय सिंह द्वारा गाड़ियों का शोरूम बनवाया गया था। इस शोरूम पर जांच के दौरान पहले ही एसीबी की ओर से छापेमारी की जा चुकी है। जांच में खाता संख्या 95 और प्लॉट संख्या 84 की 28 डिसमिल भूमि विनय सिंह और उनकी पत्नी के नाम जमाबंदी की पुष्टि हुई है। जमीन का नेचर गैर मजरुआ खास और जंगल किस्म का बताया गया है।

Hazaribagh Land Scam Update: 2010 के म्यूटेशन से जुड़ा है मामला

मिली जानकारी के अनुसार उक्त भूमि का दाखिल खारिज 18 अगस्त 2010 को हुआ था। इसका म्यूटेशन केस नंबर 481/2010-11 दर्ज है। एसीबी इस केस से जुड़े ठोस साक्ष्य जुटाने के लिए मूल रिकॉर्ड की तलाश कर रही थी, इसी दौरान दस्तावेजों के गायब होने की बात सामने आई। एसीबी की जांच में यह भी पाया गया कि यह जमीन घोटाला हजारीबाग के तत्कालीन उपायुक्त विनय चौबे के सहयोग से हुआ था। इस मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी अलका कुमारी का बयान भी दर्ज किया जा चुका है।

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