Gayaji Surendra Prasad Yadav News: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहानाबाद सांसद डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव ने शनिवार को गया शहर स्थित अपने आवास पर तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और राष्ट्रीय एकता व अखंडता पर जोर दिया। झंडोत्तोलन के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद ने देश के मौजूदा हालात और युवाओं से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
स्वतंत्रता दिवस पर सभी धर्मों की एकता का संदेश
डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि 15 अगस्त पूरे देश का राष्ट्रीय पर्व है। उनके अनुसार हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी धर्मों के लोग इस दिन को उत्साह के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत कभी गुलाम था, लेकिन आज एक स्वतंत्र देश है। सांसद ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लाठी-डंडे खाने की स्थिति थी, लेकिन डरने की आदत नहीं थी।
लाठीचार्ज की घटनाओं पर सांसद ने जताई नाराजगी
सांसद ने प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज और दमन की घटनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज अपने ही लोगों पर लाठीचार्ज और कार्रवाई की घटनाएं देखकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पदों पर बैठे लोगों के आदेश पर गोली चलाने और लाठीचार्ज जैसी घटनाएं होती हैं। सिविल ड्रेस में प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाने के कथित मामलों पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
अग्निवीर और युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाया
डॉ. यादव ने अग्निवीर योजना और युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को पहले की तरह स्थायी अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर भी चिंता जताई। सांसद ने दावा किया कि ऐसी घटनाओं का छात्रों और उनके परिवारों पर गंभीर असर पड़ता है और पेपर लीक के कारण कई युवाओं ने आत्महत्या तक की है। हालांकि, यह सांसद का दावा है।

देश की एकता और अखंडता पर दिया जोर
सांसद ने कहा कि वह देश को बांटने की बात करने वालों के विपरीत भारत की एकता और अखंडता के पक्षधर हैं। उन्होंने देशवासियों को एकजुट रहने का संदेश देते हुए भारत की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की पहचान उसकी एकता से है और सभी नागरिकों को मिलकर राष्ट्रहित में आगे बढ़ना चाहिए।

संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग
डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से संसद में उपस्थित होकर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संसद चलाने में देश का काफी खर्च होता है। उन्होंने कहा कि सरकार के शीर्ष नेताओं को संसद में मौजूद रहकर जनता से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए और महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।
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