Union Budget 2026 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आयुर्वेद को बढ़ावा देने, तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, मेडिकल हब और हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार करने का ऐलान किया।
Union Budget 2026:स्वास्थ्य क्षेत्र में स्किल और प्रोफेशनल्स पर बड़ा फोकस
Union Budget 2026: पेश करते हुए वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में मौजूद मानव संसाधन को और बेहतर बनाने की दिशा में सरकार ठोस कदम उठा रही है। इसके तहत निजी और सरकारी क्षेत्र मिलकर काम करेंगे।
बजट में 10 चिन्हित डिसिप्लिन पर फोकस किया जाएगा, जिनमें ओटी टेक्नोलॉजी, एनेस्थीसिया, एप्लाइड साइकोलॉजी जैसे कोर्स शामिल हैं। अगले पांच वर्षों में एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही कोर केयर स्किल्स को मजबूत करने और वेलनेस, योग व मेडिकल सपोर्ट डिवाइसेस से जुड़े कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। सरकार डेढ़ लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित करने की भी योजना बना रही है।
Key Highlights
स्वास्थ्य क्षेत्र में 10 चिन्हित डिसिप्लिन पर विशेष फोकस
5 साल में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार करने का लक्ष्य
मेडिकल वैल्यू टूरिज्म के लिए 5 क्षेत्रीय हेल्थ हब बनेंगे
आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए 3 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग सिस्टम को किया जाएगा मजबूत
Union Budget 2026:मेडिकल वैल्यू टूरिज्म और क्षेत्रीय हेल्थ हब
वित्तमंत्री ने कहा कि भारत को मेडिकल वैल्यू टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए देश में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे, जो हेल्थ केयर कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित होंगे।
इन हब में इलाज के साथ-साथ मेडिकल एजुकेशन, रिसर्च, डायग्नोस्टिक सुविधाएं और आयुष सेंटर भी होंगे। सरकार इस पहल में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करेगी। इन हेल्थ हब से डॉक्टरों, हेल्थ प्रोफेशनल्स और तकनीकी स्टाफ के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
Union Budget 2026:आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल
बजट 2026 में आयुर्वेद को लेकर खास जोर दिया गया है। वित्तमंत्री ने कहा कि भारत का प्राचीन योग और आयुर्वेद पूरी दुनिया में सम्मानित है, खासकर तब से जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने योग को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई। कोविड के बाद आयुर्वेद की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और बढ़ी है।
सरकार का लक्ष्य आयुर्वेद आधारित उत्पादों का निर्यात बढ़ाना है। इसके लिए किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और उत्पादकों को वैश्विक मांग से जोड़ा जाएगा। बजट में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है।
इसके साथ ही आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि सर्टिफिकेशन का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो सके और आयुर्वेद से जुड़े प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की संख्या बढ़ाई जा सके।
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