मधेपुरा/खगड़िया : बिहार के मधेपुरा जिले और खगड़िया जिले से बड़ी खबर है, जहां शुक्रवार की बीती देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड और बिहारीगंज प्रखंड सहित लगभग सभी प्रखंडों के सैकड़ों गांवों में मकई और गेहूं की तैयार फसल बुरी तरह बर्बाद हो गई है। अब किसान सरकार से मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं।
मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को तबाह कर दिया – किसान
मधेपुरा जिले में देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को तबाह कर दिया। खासकर मकई और गेहूं की फसल, जो कटाई के लिए तैयार थी, अब जमीन पर गिर चुकी है। किसानों का कहना है कि एक ही रात में उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। हमलोग का पूरा फसल बर्बाद हो गया है, अब सरकार से ही उम्मीद है कि मुआवजा मिले, नहीं तो परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। कई गांवों में खेतों में पानी भर गया है, जिससे नुकसान और बढ़ गया है। किसानों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

किसानों ने कहा- सरकार को तुरंत सर्वे कराकर मुआवजा देना चाहिए, नहीं तो हमलोग पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे
बिहार सरकार को तुरंत सर्वे कराकर मुआवजा देना चाहिए, नहीं तो हमलोग पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द नुकसान का आकलन कर राहत पहुंचाने की मांग कर रहे हैं, ताकि प्रभावित किसानों को कुछ राहत मिल सके। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन समय रहते किसानों की मदद के लिए आगे आएगा या फिर ये किसान यूं ही अपने हाल पर छोड़ दिए जाएंगे।

बेमौसम आंधी, तूफान, बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं, मक्का व केला की फसल को नुकसान, किसान मांग रहे मुआवजा
खगड़िया में बेमौसम आंधी, बारिश, तूफान व ओलावृष्टि के कारण मक्का, गेहूं, सरसों और केला का फसल फरकिया के क्षेत्र में पूर्णतः नष्ट हो चुकी है। जिससे किसान त्राहिमाम है। मनहूंडा एवं बटेदार किसान हैरान परेशान त्राहिमाम है। किसानों के समक्ष संकट पैदा हो गई है। किसानों ने कृषि लोन, महाजन से लोन, जेवर गिरवी रखकर, खून पसीना बहाकर खेती करने का किसानों ने काम किया था किंतु आज उसके उम्मीद आशा विश्वास पर पानी फिर चुका है।

कर्जा लेकर फसल बोयें नष्ट हो कैसे होगा – किसान
वहीं एक किसान का कहना है कि कर्जा लेकर फसल बोयें नष्ट हो कैसे होगा। बिहार सरकार मुआवजा नहीं देगा तो क्या करेंगे, जहर खाकर सो जाएंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं राज्य कृषि मंत्री रामकृपाल यादव से हम किसानों, बटेदारों व मनहूंडा करने वाले किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का मुआवजा देने का काम करें। साथ ही कृषि लोन माफ किया जाए। वहीं सरकार के किसानों के बीच राहत कार्य चलाने की मांग की।

यह भी पढ़े : रामनवमी से चैती छठ की तैयारियां तेज, मेलों के लिए 1.63 करोड़ मंजूर
रमण कुमार और राजीव कुमार की रिपोर्ट
Highlights


