पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज यानी थोड़ी देर पहले कैबिनेट की बैठक संपन्न हो चुकी है। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री ने भोजपुर में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क की स्थापना, औरंगाबाद के नवीनगर में नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) की स्थापना, दरभंगा एम्स के लिए भूमि विकास कार्य, मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा बढ़ाने समेत उद्योग, ऊर्जा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी और कौशल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई।
उद्योग, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर
कैबिनेट ने मधुबनी जिले में मेसर्स लीप एग्री लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड तथा बक्सर के नवानगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेसर्स वरुण बेवरेजेज लिमिटेड को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2016 के तहत वित्तीय प्रोत्साहन क्लियरेंस देने की स्वीकृति दी। वहीं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की अवधि सितंबर 2026 तक बढ़ाए जाने के बाद इसके संचालन के लिए 164.51 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई।

भोजपुर में बनेगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए भोजपुर जिले के बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इस परियोजना पर कुल 31.20 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हिस्सेदारी होगी।
नवीनगर में खुलेगा नया ITI
युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तहत औरंगाबाद जिले के नवीनगर में नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) की स्थापना को मंजूरी दी गई। संस्थान में पांच व्यवसायों में प्रशिक्षण शुरू होगा। इसके लिए 38 पदों के सृजन और प्रतिवर्ष 2.11 करोड़ रुपए से अधिक व्यय की स्वीकृति दी गई। संस्थान का भवन और सुविधाएं भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड द्वारा राज्य सरकार को नि:शुल्क हस्तांतरित की जाएंगी।

बिहार कौशल विकास मिशन में 19 नए पद
सात निश्चय पार्ट-3 के अंतर्गत बिहार कौशल विकास मिशन की संगठनात्मक आवश्यकताओं को देखते हुए 19 अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इन पदों पर प्रतिवर्ष लगभग 2.24 करोड़ रुपए खर्च होंगे। राज्य सरकार ने ‘बिहार सूचना प्रौद्योगिकी सेवा नियमावली, 2026’ के गठन को स्वीकृति प्रदान की। इससे आईटी क्षेत्र में प्रशासनिक ढांचा और अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
दरभंगा AIIMS के लिए भूमि विकास का रास्ता साफ
स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने दरभंगा एम्स के लिए चयनित भूखंड के निकट नदियों से प्राप्त मिट्टी और गाद का उपयोग कर भूमि भराई एवं समतलीकरण कार्य कराने की मंजूरी दी। इसके लिए जल संसाधन विभाग को अधिकृत किया गया है।

डॉक्टरों को उच्च शिक्षा के लिए मिलेगी सुविधा
बिहार स्वास्थ्य सेवा और दंत चिकित्सक सेवा संवर्ग के चिकित्सकों को उच्च शिक्षा एवं विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए निर्धारित शर्तों के तहत अनापत्ति और स्वीकृति प्रदान करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा बढ़ी
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से उपचार अनुदान पाने के लिए वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर चार लाख रुपए कर दी गई है। इससे अधिक संख्या में मरीजों को आर्थिक सहायता का लाभ मिल सकेगा।
ऊर्जा और प्रशासनिक सुधारों को भी मंजूरी
बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अंतर्गत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंचों के गठन के लिए मुख्य अभियंता और विद्युत अधीक्षण अभियंता के कुल चार नए पद सृजित किए गए। इसके अलावा बिहार बाल विकास सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्त) संशोधन नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी गई।

डेयरी एवं दूध उत्पाद संयंत्र के लिए भूमि हस्तांतरण
कैमूर जिले के मोहनियां अंचल में लगभग सात एकड़ सरकारी भूमि को डेयरी एवं दूध उत्पाद संयंत्र के निर्माण के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग को नि:शुल्क अंतरविभागीय हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।
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हिमांशु कुमार की रिपोर्ट
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