अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की पुरुषोत्तमी कामदा एकादशी गुरुवार को मनाई जाएगी। 15 जून को पुरुषोत्तम मास समाप्त होगा और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी।
Purushottam Ekadashi 2026 रांची: अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की पुरुषोत्तमी कामदा एकादशी का पावन व्रत गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष एकादशी तिथि गुरुवार को पड़ने के कारण इसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि शाम 5:53 बजे तक रहेगी। इस दिन गृहस्थ और वैष्णव दोनों परंपराओं के श्रद्धालु एकादशी व्रत रखेंगे। राजधानी रांची सहित विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।
Purushottam Ekadashi 2026: 15 जून को समाप्त होगा पुरुषोत्तम मास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 15 जून को स्नान-दान की सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन सुहागिन महिलाएं पीपल वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिक्रमा करती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
विशेष बात यह है कि इसी दिन सुबह 8:46 बजे पुरुषोत्तम मास का समापन हो जाएगा। इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन सहित सभी मांगलिक और शुभ कार्यों पर लगी रोक समाप्त हो जाएगी तथा पुनः शुभ कार्यों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
Key Highlights
गुरुवार को पुरुषोत्तमी कामदा एकादशी व्रत का विशेष महत्व
शाम 5:53 बजे तक रहेगी एकादशी तिथि
15 जून को सोमवती अमावस्या और पुरुषोत्तम मास का समापन
16 जून से शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष का आरंभ
25 जून को निर्जला एकादशी और 29 जून को संत कबीर जयंती
Purushottam Ekadashi 2026: 16 जून से शुरू होगा शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 16 जून से शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष का आरंभ होगा। इस बार द्वितीया तिथि के क्षय होने के कारण यह पक्ष 15 दिनों के बजाय 14 दिनों का रहेगा। इसी दिन चंद्र दर्शन का भी विशेष संयोग बनेगा, जिसे शुभ माना जाता है।
शुक्ल पक्ष के दौरान कई महत्वपूर्ण व्रत और पर्व मनाए जाएंगे। 18 जून को वैनायकी गणेश चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। वहीं 23 जून को महेश नवमी का पर्व मनाया जाएगा, जिसमें माहेश्वरी समाज के लोग विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
Purushottam Ekadashi 2026: जून के अंतिम सप्ताह में रहेंगे कई प्रमुख पर्व
धार्मिक कैलेंडर के अनुसार 25 जून को वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में शामिल निर्जला एकादशी व्रत रखा जाएगा। इसके बाद 27 जून को संतान सुख और परिवार की मंगलकामना के लिए शनि प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।
महीने के अंतिम दिन 29 जून को स्नान-दान की पूर्णिमा, संत कबीर जयंती तथा दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार वट सावित्री व्रत मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे।
Highlights







