गयाजी : गयाजी जिले का पत्थरकट्टी गांव पिछले लगभग 300 साल से अपनी बेमिसाल पत्थर शिल्पकार के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यहां के हुनरमंद कारीगर स्थानीय काले ग्रेनाइट पत्थरों को तरास कर भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और विभिन्न देवी देवताओं की जीवंत मूर्तियां तैयार करते हैं। अब जिआई टैग मिलने से जहां सदियों पुराने इस कला का संरक्षण होगा। वहीं यहां के पत्थरों से बने कलाकृतियों की मांग देश-विदेश के बाजारों में तेजी से बढ़ेगी।
GI टैग मिलने के बाद यहां के कारीगर व स्थानिय लोग भी काफी खुश नजर आ रहे हैं
जीआई टैग मिलने के बाद यहां के कारीगर व स्थानिय लोग भी काफी खुश नजर आ रहे हैं। काफी सालों से डिमांड था कि इसे जीआई टैग से जोड़ा जाए जो अब पूरा हो गया है। बता दें कि ढाई सौ से 300 साल पूर्व में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई ने जयपुर से गौर समुदाय को यहां बुलाया था और पत्थर कट्टी के ग्रेनाइट पत्थर से विष्णु पद मंदिर का निर्माण कराया था। इसके बाद कई गौड़ परिवार यहां से चले गए हैं। लेकिन कुछ गौड़ परिवार को यहां जमीन देकर बसाया गया जो आज भी पत्थर कट्टी गांव के लोग पत्थर से अलग अलग मूर्तियां बनाने का काम कर रहे हैं।


पत्थरकट्टी गांव से जुड़े लोग आज गया सहित बिहार के अलग-अलग जिलों में जाकर भी मूर्ति तारसने का काम करते हैं
पत्थरकट्टी गांव से जुड़े लोग आज गया सहित बिहार के अलग-अलग जिलों में जाकर भी मूर्ति तारसने का काम करते हैं। काफी संख्या में विष्णुपद मंदिर के आसपास भी मूर्तियां बनाने में जुटे हुए हैं। यहां देश-विदेश से लाखों लोग आते हैं और यहां से मूर्तियां खरीद कर ले जाते हैं। गौड़ परिवार से जुड़े लोगों ने बताया कि जीआई टैग मिलने से अब हमलोग की मूर्तियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मूर्तियां जाएंगे। जिससे हम लोगों का कारोबार भी बढ़ेगा अब लोग अपने मूर्ति अपनी ब्रांड से भी बेच सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोकल फॉर वोकल की पहचान दी है।



PM नरेंद्र मोदी ने लोकल फॉर वोकल की पहचान दी – स्थानीय समाजसेवी संतोष ठाकुर
कुछ कारीगरों का कहना है कि पत्थर के दाम बढ़ गया है, मजदूरी भी बढ़ गई है। अब लागत उस हिसाब से भी नहीं मिल पाती है। लोग अब सस्ता मूर्ति खोजते हैं। लोगों का कहना है कि सरकार चाहे तो बहुत कुछ हम लोगों के लिए कर सकती है। हमारे पूर्वज ही विष्णुपद मंदिर का निर्माण कराया था। अब विष्णुपद मंदिर के फल्गु नदी में एक भव्य भगवान विष्णु की मूर्ति का निर्माण होना है। हम चाहे की इसे दूसरे लोग ना बनाकर हमारे समाज के ही लोग इसे बनाएं यह सरकार से मांग करेंगे। वहीं स्थानीय समाजसेवी संतोष ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकल फॉर वोकल की पहचान दी। अभी जीआई टैग मिलने से यह लोग काफी खुश है। यह लोग अपना खुद का ब्रांड बनाकर यह मार्केट में बेच सकेंगे।



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आशीष कुमार की रिपोर्ट
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