बिहार में साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत व DGP विनय कुमार ने समीक्षा बैठक की। 1930 हेल्पलाइन के प्रचार, फर्जी सिम पर कार्रवाई और साइबर अपराध नियंत्रण के निर्देश दिए।
Cyber Crime पटना: बिहार में बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाल ही में आयोजित 52वीं प्रगति (PRAGATI) समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और राज्य में साइबर सुरक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि साइबर अपराध से आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके।
Key Highlights:
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और DGP विनय कुमार ने सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ की समीक्षा बैठक।
1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार का निर्देश।
ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत 507 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 702 लोगों पर कानूनी कार्रवाई।
बिहार के नवादा, नालंदा, पटना और शेखपुरा देश के प्रमुख साइबर हॉटस्पॉट जिलों में शामिल।
फर्जी सिम, म्यूल बैंक खातों और डिजिटल अरेस्ट से जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
Cyber Crime :बिजली बिल, सुधा उत्पाद और सार्वजनिक स्थानों पर दिखेगा 1930 हेल्पलाइन नंबर
बैठक में निर्देश दिया गया कि बिजली बिलों और बिजली रिचार्ज मोबाइल ऐप पर 1930 हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। इसके अलावा सुधा डेयरी के दूध और अन्य उत्पादों की पैकेजिंग, सुधा बूथों, नगर निगम के डिजिटल डिस्प्ले, एलईडी स्क्रीन और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर भी साइबर जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएं।
स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित रूप से ‘साइबर मंगलवार’ जैसे जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों और आम लोगों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी मिल सके।
Cyber Crime :ऑपरेशन साइबर प्रहार में बड़ी कार्रवाई, 507 गिरफ्तार
बैठक में बताया गया कि ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत राज्यभर में 6,251 म्यूल बैंक खातों का सत्यापन किया गया। इस दौरान 702 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई, जबकि 507 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
देश के प्रमुख साइबर हॉटस्पॉट जिलों में बिहार के नवादा दूसरे, नालंदा चौथे, पटना सातवें और शेखपुरा पंद्रहवें स्थान पर हैं। इसके अलावा एटीएम और चेक के माध्यम से धोखाधड़ी के मामलों में भी पटना देश के प्रमुख प्रभावित शहरों में शामिल है। अधिकारियों को इन जिलों में विशेष निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
Cyber Crime :धन वापसी, फर्जी सिम और ई-जीरो एफआईआर पर विशेष जोर
बैठक में बताया गया कि मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत साइबर ठगी के 16,593 मामलों में धन वापसी की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 5,642 मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 224.53 लाख रुपये की राशि बहाल करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं, बैंक खातों की अनुचित फ्रीजिंग से जुड़ी शिकायतों के निपटारे में बिहार ने 98 प्रतिशत से अधिक मामलों का निष्पादन किया है।
मुख्य सचिव ने एक लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में ई-जीरो एफआईआर दर्ज करने और उसे शीघ्र नियमित एफआईआर में परिवर्तित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारियों को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति के माध्यम से बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाकर म्यूल खातों को फ्रीज करने और पीड़ितों को जल्द राशि वापस दिलाने के लिए कहा गया।
बैठक में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड बेचने वाले एजेंटों और संगठित गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी जारी किए गए। इसके अलावा अन्य राज्यों से प्राप्त साइबर जांच अनुरोधों के त्वरित निष्पादन, भ्रामक ऑनलाइन कंटेंट हटाने और पुलिस अधिकारियों के साइबर प्रशिक्षण को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
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