मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नशीले और प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन का इंसानी सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों की लत किसी व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक भलाई पर असर डालती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नशीले पदार्थों की लत की समस्या सिर्फ़ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है; यह पूरे परिवार और समाज पर असर डालती है। इसलिए, राज्य को नशा-मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की ज़रूरत है।
युवाओं को नशीले पदार्थों की लत से बचाना सरकार की प्राथमिकता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशीले पदार्थों के असर से दूर रखना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की लत परिवारों, समाज और राज्य की तरक्की के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार को रोकने के लिए लगातार अभियान चला रही है और इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है।
जन-जागरूकता के ज़रिए संदेश फैलाना
राज्य-व्यापी अभियान के तहत, प्रचार वाहन अलग-अलग ज़िलों में जाकर लोगों को नशीले पदार्थों की लत के नुकसानदेह असर के बारे में जागरूक करेंगे। इस पहल के ज़रिए, युवाओं और आम नागरिकों को एक स्वस्थ, सकारात्मक और ज़िम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे खुद नशीले पदार्थों से दूर रहें और अपने परिवारों, दोस्तों और समाज के अन्य लोगों में इस मुद्दे के बारे में जागरूकता फैलाएं।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिनमें स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी; मुख्य सचिव अविनाश कुमार; अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) वंदना डडेल; और डीजीपी तदाशा मिश्रा शामिल थे।
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