Asarfi Hospital Dhanbad News: धनबाद नगर निगम ने शहर के अशर्फी अस्पताल के खिलाफ़ बिल्डिंग नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। बिल्डिंग केस नंबर 05/2025 में विस्तृत जांच, संयुक्त निरीक्षण और संबंधित पक्षों की सुनवाई के बाद, निगम ने अस्पताल प्रबंधन को ₹3,27,64,750 जमा करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, मंज़ूर बिल्डिंग प्लान से ज़्यादा किए गए अवैध निर्माण को हटाने, पार्किंग की सुविधा बहाल करने और आग से सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जांच के दौरान कई कथित उल्लंघन सामने आए
नगर निगम के अनुसार, झारखंड नगर पालिका अधिनियम, 2011 और झारखंड बिल्डिंग उप-नियम, 2016 के तहत अस्पताल की इमारत का विस्तृत निरीक्षण और दोबारा माप किया गया। जांच में मंज़ूर प्लान से ज़्यादा निर्माण, अतिरिक्त मंज़िलें और फ्लोर एरिया जोड़ना, पार्किंग नियमों का उल्लंघन और बिल्डिंग उप-नियमों के अन्य कथित उल्लंघन पाए गए। इन नतीजों के आधार पर, निगम ने एक विस्तृत आदेश जारी किया है।
अवैध निर्माण हटाने और पार्किंग बहाल करने के निर्देश
नगर निगम के आदेश के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन को तय समय सीमा के भीतर 1,335.30 वर्ग मीटर का ऐसा अवैध निर्माण हटाना होगा जिसे नियमित (कंपाउंड) नहीं किया जा सकता। इमारत की मंज़ूर पार्किंग व्यवस्था को बहाल करने के निर्देश भी दिए गए हैं। निगम का कहना है कि जनता की सेवा करने वाले संस्थानों के लिए बिल्डिंग मानकों और पार्किंग नियमों का पालन करना ज़रूरी है ताकि नागरिकों को कोई परेशानी न हो।
आग से सुरक्षा के मानकों के पालन पर ज़ोर
आदेश में कहा गया है कि चूंकि इमारत की ऊंचाई 15 मीटर से ज़्यादा है, इसलिए अनिवार्य फायर सेफ्टी NOC और आग से सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अस्पताल प्रबंधन को संबंधित नियमों के अनुसार सुरक्षा उपाय लागू करने के लिए ज़रूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
आदेश का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई
नगर निगम ने साफ किया है कि तय समय सीमा के भीतर आदेश का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अवैध निर्माण को गिराना, इमारत को सील करना और बकाया राशि की वसूली शामिल है। नगर निगम ने यह भी कहा कि शहर के सभी अस्पतालों, कमर्शियल प्रतिष्ठानों और इमारत मालिकों को मंज़ूर बिल्डिंग प्लान, पार्किंग व्यवस्था और आग से सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। नियमों के उल्लंघन के मामलों में भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा?
इस मामले पर, अशर्फी अस्पताल प्रबंधन का प्रतिनिधित्व कर रहे हरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें अभी तक नगर निगम से कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने आगे कहा कि नोटिस मिलने के बाद, अस्पताल प्रबंधन नियमों के अनुसार अपना पक्ष और जवाब रखेगा। फिलहाल, ध्यान निगम की कार्रवाई और अस्पताल प्रबंधन के जवाब के बाद उठाए जाने वाले कदमों पर केंद्रित है।
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