FIFA World Cup 2026 रांची: फीफा वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी के लिए 48 टीमों के बीच जो संघर्ष शुरू हुआ था वो अब आठ टीमों के बीच आकर ठहर गया है। क्वार्टर फाइनल से अब 8 टीमों के बीच विश्व कप ट्रॉफी के लिए मुकाबला होगा। लेकिन एक और मुकाबला चल रहा है और वह मुकाबला गोल्डन बूट के लिए है। गोल्डन बूट के लिए एक अलग रेस चल रही है और जिस तरह का मुकाबला वहां देखने को मिल रहा है, वो विश्व कप ट्रॉफी के लिए हो रहे मुकाबले जैसा ही रोचक दिख रहा है। चार खिलाड़ियों के बीच बिल्कुल क्लोज फाइट है। अब उस रेस में कौन आगे निकलेगा ये बताना फिलहाल तो मुश्किल है लेकिन क्वार्टर फाइनल से पहले गोल्डन बूट की रेस में कौन से खिलाड़ी आगे हैं कौन पीछे हैं कौन किस नंबर पर हैं? विश्व कप में अब तक सबसे ज्यादा गोल किसने मारे हैं।
फीफा वर्ल्ड कप जब भी होता है तो एक लोगों की दिलचस्पी इस बात में होगी है कि उस विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल किसने किए और किसे मिला गोल्डन बूट? 2026 फीफा वर्ल्ड कप की बात करें तो अभी गोल्डन बूट मिला तो किसी को नहीं है क्योंकि वह फाइनल मुकाबले के बाद तय होगा लेकिन वहां पर एक रेस देखने को मिल रही है और वहां बहुत क्लोज फाइट है।
Key Highlights
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल से पहले गोल्डन बूट की रेस बेहद रोमांचक हो गई है।
लियोनेल मेसी 8 गोल के साथ सबसे आगे हैं, जबकि किलियन एम्बापे और एरलिंग हालैंड 7-7 गोल के साथ पीछा कर रहे हैं।
इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन 6 गोल और 1 असिस्ट के साथ चौथे स्थान पर हैं।
गोल्डन बूट के टाई-ब्रेकर नियम में पहले गोल, फिर असिस्ट और अंत में कम मिनट में प्रदर्शन को आधार बनाया जाता है।
इस बार गोल्डन बूट जीतने वाले खिलाड़ी के 10 या उससे अधिक गोल करने की संभावना जताई जा रही है।
FIFA World Cup 2026: गोल्डन बूट की रेस में एक से पांच नंबर तक कौन – कौन ?
पांचवें नंबर पर दो खिलाड़ी हैं। उसमें एक स्पेन के हैं और एक फ्रांस के खिलाड़ी हैं। स्पेन के मिकल ओयार्जाबेल हैं। उन्होंने भी चार गोल किए हैं और फ्रांस के डेंबले ने भी चार गोल किए हैं। लेकिन असिस्ट डेंबले ने ज्यादा किया है। दो असिस्ट उनके नाम है तो वह पांचवें नंबर पर हैं और पांचवें नंबर पर दूसरे स्थान पर जो हैं वो मिकल ओयार्जाबेल हैं जिन्होंने कि चार गोल किया है लेकिन असिस्ट एक ही किया है।
टाई ब्रेकर होने पर किसे मिलता है गोल्डन बूट
FIFA World Cup 2026: गोल्डन बूट के लिए खिलाड़ी कैसे चुने जाते हैं उसका रूल क्या है?
नियम यह है कि जिसने सबसे ज्यादा गोल किए हैं उनको गोल्डन बूट मिलता है। लेकिन अगर मान लीजिए कि एक से ज्यादा खिलाड़ियों ने समान नंबर में गोल किए हैं तो वैसी परिस्थिति में देखा जाता है कि असिस्ट किसने ज्यादा किया है और अगर मान लीजिए कि गोल करने के मामले में और असिस्ट करने के मामले में भी दो या उससे अधिक खिलाड़ियों के बीच टाई हो जाता है। तब तीसरी चीज़ जो देखी जाती है, वह यह देखी जाती है कि किसने कम मिनट में उतने गोल किए हैं।
2026 फीफा वर्ल्ड कप में गोल्डन बूट की असली लड़ाई चार खिलाडियों के बीच है. चार नंबर पर इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन हैं जिन्होंने इस विश्व कप में अब तक छह गोल किए हैं। गौरतलब है कि 2018 में छह गोल पर ही हैरी केन ने गोल्डन बूट का अवार्ड जीत लिया था। लेकिन इस बार वैसी स्थिति नहीं है। अभी छह गोल करने के बाद वह नंबर चार की पोजीशन पर हैं और अभी उनको क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलना भी है। हैरी केन ने छह गोल के अलावा एक असिस्ट भी किया है। पेनल्टी एरिया के अंदर उनकी फिनिशिंग इस विश्व कप में लाजवाब रही है। अगर आप देखें तो पेनल्टी एरिया के अंदर उनको जो अवसर मिले हैं उसमें उन्होंने आधे से ज्यादा को गोल में कन्वर्ट किया है।
नंबर तीन पर वो खिलाड़ी हैं वो पहली बार विश्व कप खेल रहे हैं। लेकिन उन्होंने अपनी छाप छोड़ दी है और उन्होंने बता दिया कि मंच कितना भी बड़ा हो वह खुद एक बड़े खिलाड़ी हैं। जी हां, अब तो आप समझ ही गए होंगे कि मैं एरर्लिंग हालैंड की बात कर रहा हूं जो नॉर्वे के लिए खेलते हैं और इस विश्व कप में उन्होंने अब तक सात गोल किए हैं। हालांकि असिस्ट उन्होंने एक भी नहीं किया है। लेकिन उन्होंने बंकियो से कम समय खेला है और उसमें सात गोल किए हैं. गोल प्रति मिनट उनका प्रदर्शन सभी से बेहतर है. उन्होंने 18 शॉट लगाए हैं और सात गोल मारे हैं. उनका कन्वर्जन रेट है वो 38.9% है। लगभग 39% के आसपास जो कि बेहतरीन है।
नंबर टू पर किलियन एंबापे को पछाड़ दिया है और अब किलियन एम्बापे हैं। उनके गोलों की संख्या एरर्लिंग हलैंड के गोलों के बराबर ही है। मतलब किलियन एंबापे ने भी सात गोल ही किए हैं पर उन्होंने 2 असिस्ट भी किया है. जैसा कि आप जानते हैं कि 2022 में किलियन एम्बापे ने ही गोल्डन बूट का अवार्ड जीता था और तब उन्होंने आठ गोल मारे थे। वर्ल्ड कप में खेलना उनको पसंद है। वर्ल्ड कप में अब तक 19 गोल किलियन एम्बापे कर चुके हैं। जबकि यह उनका तीसरा वर्ल्ड कप है। अगर आप देखें तो उन्होंने अब तक 27 शॉट लगाए हैं। जिसमें 17 टारगेट पर रहे हैं और उन 17 टारगेट में से सात में उनको कामयाबी मिली है।
FIFA World Cup 2026: गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे मेसी
पहले नंबर पर हैं अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी। लियोनेल मेसी ने इस विश्व कप में अब तक आठ गोल किए हैं और एक असिस्ट किया है। किलियन एम्बापे ने 2 गोल असिस्ट किया है जबकि मेसी ने एक गोल असिस्ट किया है लेकिन गोल किलियन एंबापे से एक ज्यादा मारे हैं। इसीलिए नंबर वन की पोजीशन पर मेसी हैं आठ गोलों के साथ।
मेसी ने दिखा दिया है कि जब भी उनकी टीम पर मुश्किल वक्त आता है वहां वो खड़े होते हैं। अभी मिश्र के साथ जो अर्जेंटीना का मुकाबला हुआ वहां पर दो गोल से पीछे थी अर्जेंटीना की टीम और वहां पर मेसी के असिस्ट से ही पहला गोल हुआ और दूसरा गोल खुद मेसी ने किया। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में 29 अटेमप्ट गोल पर लिए हैं जिसमें कि आठ गोल किया है। हालांकि इस विश्व कप के दौरान उन्होंने दो पेनल्टी भी गवाए हैं। अगर वह गोल हो जाते तो उनके गोलों की संख्या डबल डिजिट तक पहुंच गई रहती।
इस बार गोल बहुत हो रहे हैं। हैरी केन ने छह गोल किए। एरर्लिंग हालैंड और एम्बापे ने अब तक सात-सात गोल किए हैं। इसके बाद मेसी ने आठ गोल कर दिए हैं। जबकि अगर आप देखें तो हैरी केन छह गोल करके 2018 में गोल्डन बूट जीत गए थे। 2006 में क्लोज पांच गोल करके गोल्डन बूट जीत गए थे। तो थॉमस मुलर 2010 में पांच गोल पर ही गोल्डन बूट जीत गए लेकिन इस बार आठ गोल मेसी कर चुके और लगता है कि आंकड़ा जो है इस बार जब फाइनल तक पहुंचेगा तो इनमें से कोई भी खिलाड़ी डबल डिजिट तक गोलों की संख्या पहुंचा सकता है। मतलब 10 या उससे ज्यादा गोल कर सकता है। हालांकि अगर आप वर्ल्ड कप हिस्ट्री देखें तो ऐसा कम अवसरों पर ही हुआ है। फ्रांस के जस्ट फाउंटेन ने एक विश्व कप में सर्वाधिक 13 गोल किए हैं। इसके बाद हंगरी के सेंडर ने 11 गोल किए हैं और गर्ड मूलर की बात कीजिए तो एक वर्ल्ड कप में उन्होंने 10 गोल किए थे। अब देखना यह है कि 2026 फीफा वर्ल्ड कप में गोल्डन बूट की रेस में कौन से खिलाड़ी आखिरकार विजेता बनते हैं? किनको सोने का जूता मतलब कि सोने का बूट मिलता है यानि कि गोल्डन बूट?
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