सहरसा : सहरसा जिले के कहरा प्रखंड में दो प्राथमिक विद्यालयों की जर्जर स्थिति बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग जामकर आंदोलन करेंगे। मामला कहरा प्रखंड के रहुआ तुलसियाही के समीप स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय रहुआ और प्राथमिक विद्यालय रहुआ बालक का है। दोनों विद्यालयों में मात्र दो-दो कमरे हैं। कन्या प्राथमिक विद्यालय में 105 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं और यहां प्रधानाध्यापक सहित आठ शिक्षक कार्यरत हैं।
प्राथमिक विद्यालय रहुआ बालक में 93 बच्चे नामांकित हैं व यहां भी 8 शिक्षक पदस्थापित हैं
वहीं प्राथमिक विद्यालय रहुआ बालक में 93 बच्चे नामांकित हैं और यहां भी आठ शिक्षक पदस्थापित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन की हालत बेहद जर्जर है। बच्चे और शिक्षक हर दिन भय के माहौल में पढ़ाई और शिक्षण कार्य करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग को जामकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे।


एक सप्ताह के भीतर इस मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी – DEO रोहित रौशन
इधर, जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रौशन ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर इस मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बुलाया गया है और जल्द ही व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। फिलहाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। अब सबकी निगाहें शिक्षा विभाग के उस आश्वासन पर टिकी हैं कि एक सप्ताह के भीतर इस समस्या का समाधान किया जाएगा।


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राजीब झा की रिपोर्ट
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