झारखंड के चाणक्य सरयू राय का बयान, कोई बड़ा आपराधिक मामला नहीं है Mining Lease case, चुनावी हलफनामा में था इसका जिक्र
Jamshedpur– Mining Lease case को लेकर झारखंड में जारी राजनीतिक सरगर्मी के बीच पूर्व विधायक सरयू राय
ने एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है. सरयू राय ने कहा है कि Mining Lease case कोई बड़ा आपराधिक मामला नहीं है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने चुनावी हलफनामे में भी इसका जिक्र किया था. यह कोई भ्रष्ट्राचार का मामला नहीं है.
लेकिन एक कोड ऑफ का कंडक्ट भारत सरकार का है, यदि आप किसी पद पर हैं तब आप अपने
ही सरकार में कोई लाभ का पद नहीं ले सकते. इस हालत में यदि चुनाव आयोग राज्यपाल को
अपना कोई ओपिनियन देता है, तब बहुत ज्यादा यह हो सकता है कि उनकी सदस्यता रद्द हो सकती है,
लेकिन यह भ्रष्ट्राचार का मामला नहीं है, यह कोड ऑफ का कंडक्ट का मामला है.
भष्ट्राचार- भष्ट्राचार करने वाले भाजपा नेता पर लिखी है तीन पुस्तकें
भाजपा को निशाने पर लेते हुए सरयू राय ने कहा कि भाजपा के जो लोग दूसरे के घर में ढेला फेंक रहे हैं,
वह यह भूल रहे हैं कि भाजपा में जिनके द्वारा भष्ट्राचार- भष्ट्राचार का राग अलापा जा रहा है,
उन पर मैंने तीन पुस्तकें लिखी है. उन पर भष्ट्राचार के अनगिनत मामले चल रहे हैं,एसीबी उस मामले में जांच कर रही है.
नहीं हुआ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अपने उपर प्राथमिकी दर्ज करवाने पर सरयू राय ने कहा कि मंत्री बन्ना गुप्ता के
भष्ट्राचार को उजागर करने के बाद डोरंडा थाना में प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी है.
इसे ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन बताया जा रहा है. यह एक सच्चाई है कि हमने विभाग
से कागजात निकाला है, और इस कागजात से मंत्री का भष्ट्राचार उजागर होता है.
लेकिन यह ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन नहीं है. इस मामले जब जवाब की मांग की जाएगी, दिया जाएगा.
रिपोर्ट- लाला जबीं
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