Potka Malaria Camp: पूर्वी सिंहभूम ज़िले में मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने पोटका ब्लॉक में एक व्यापक अभियान शुरू किया है। शनिवार को, ब्लॉक की 14 पंचायतों के 20 गांवों में एक साथ 20 मलेरिया स्क्रीनिंग कैंप लगाए गए। इन कैंपों में स्क्रीनिंग, दवा वितरण और स्वास्थ्य संबंधी सलाह की सुविधाएँ दी गईं। ज़िले के सिविल सर्जन, डॉ. साहिर पॉल ने अभियान का जायज़ा लेने के लिए कई गांवों का दौरा किया और स्वास्थ्य कर्मियों को ज़रूरी निर्देश दिए।
बढ़ते मामलों के बीच निगरानी तेज़
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हाल ही में ज़िले में मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसलिए, प्रभावित इलाकों में एक विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की टीमें बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग कर रही हैं ताकि संक्रमित मरीज़ों की समय पर पहचान और इलाज हो सके।
20 गांवों में विशेष स्वास्थ्य कैंप का आयोजन
पोटका ब्लॉक के 20 गांवों में लगाए गए कैंपों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की अलग-अलग टीमें तैनात की गईं। हर कैंप में मलेरिया स्क्रीनिंग के साथ-साथ ज़रूरी दवाएं भी बांटी गईं। स्वास्थ्य विभाग का मकसद ग्रामीण आबादी तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और संक्रमण को फैलने से रोकना है।

सिविल सर्जन द्वारा निरीक्षण
ज़िला सिविल सर्जन डॉ. साहिर पॉल ने कैंपों में की गई व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने के लिए छोटा आमदा समेत कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को स्क्रीनिंग की प्रक्रिया तेज़ करने, मरीज़ों का तुरंत इलाज सुनिश्चित करने और बीमारी से बचाव के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।

लोगों से सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें तेज़ बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, उल्टी या कमज़ोरी जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे नज़दीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कैंप में जाकर तुरंत स्क्रीनिंग करवाएं। विभाग मलेरिया के फैलाव को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए फॉगिंग, मच्छर नियंत्रण, दवा वितरण और जन-जागरूकता अभियान जैसी गतिविधियां भी लगातार चला रहा है।
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