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NRHM Jorapokhar Scam: 17 हजार की नौकरी, करोड़ों की संपत्ति! एनआरएचएम घोटाले में ACB की बड़ी चार्जशीट

NRHM Jorapokhar Scam: नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (NRHM) के जोड़ापोखर घोटाले के सिलसिले में पहले से जेल में बंद आरोपी प्रमोद कुमार सिंह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। धनबाद के एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने प्रमोद सिंह और उनकी पत्नी प्रिया सिंह के खिलाफ एक स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति जमा करने से जुड़ा है।

₹17,000 के मानदेय पर करोड़ों की संपत्ति जमा करने का आरोप

ACB की चार्जशीट के मुताबिक, NRHM में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले प्रमोद सिंह को हर महीने लगभग ₹17,000 का मानदेय मिलता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इसके बावजूद, उन्होंने और उनकी पत्नी ने अपनी ज्ञात आय से 554 प्रतिशत ज़्यादा संपत्ति जमा की। जांच में पता चला कि प्रमोद सिंह को 2008 में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर NRHM में नियुक्त किया गया था। उन्होंने झरिया और जोड़ापोखर इलाकों के लिए ब्लॉक अकाउंट मैनेजर के तौर पर काम किया और उन्हें स्कीम के फंड का खर्च, अकाउंटिंग और कैश बुक बनाए रखने जैसी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।

रिश्तेदारों के खातों में फंड ट्रांसफर करने का आरोप

ACB का आरोप है कि प्रमोद सिंह ने सरकारी फंड को अपने रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया। बाद में इस फंड को निकालकर संपत्ति खरीदने और दूसरे कामों में इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, एक करीबी सहयोगी के नाम पर एक गाड़ी भी खरीदी गई थी, लेकिन उसका इस्तेमाल प्रमोद सिंह खुद करते थे। बाद में गाड़ी का मालिकाना हक उनकी पत्नी प्रिया सिंह के नाम ट्रांसफर कर दिया गया।

आय का कोई वैध स्रोत नहीं मिला

ACB का कहना है कि जांच में आय का ऐसा कोई वैध स्रोत नहीं मिला जो इतनी बड़ी संपत्ति जमा करने को सही ठहरा सके। इसलिए, स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसमें कहा गया है कि इस जोड़े द्वारा आय से अधिक संपत्ति हासिल करने को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।

ED पहले ही कार्रवाई कर चुकी है

इससे पहले 2024 में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में प्रमोद सिंह की लगभग ₹1.63 करोड़ की संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच (ज़ब्त) किया था। इसमें धनबाद में एक घर, ज़मीन, तीन लग्ज़री गाड़ियां, कैश और बैंक खातों में जमा फंड शामिल थे। ED के अनुसार, पूछताछ के लिए कई समन जारी किए जाने के बावजूद प्रमोद सिंह पेश नहीं हुए। इसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया। वे फरवरी 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसियां ​​NRHM से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और ₹9.39 करोड़ के गबन के मामले की जांच कर रही हैं।

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