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Jharkhand Naxal Operation: असीम मंडल दस्ते के 3 हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार, 22 लाख का इनाम, दस्ता हुआ कमजोर

सरायकेला खरसावां पुलिस ने असीम मंडल दस्ते के तीन हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया। तीनों पर कुल 22 लाख रुपये का इनाम था और कई चर्चित नक्सली वारदातों में आरोपी हैं।


Jharkhand Naxal Operation सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार रात चलाए गए विशेष अभियान में असीम मंडल दस्ते के तीन हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार नक्सलियों में पांच लाख रुपये के इनामी सागर सिंह उर्फ बिरेन उर्फ रवि, दो लाख रुपये की इनामी मीना पहाड़िया और 15 लाख रुपये के इनामी मदन महतो शामिल हैं। तीनों पर कुल 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई दलमा की तराई और नीमडीह थाना क्षेत्र से सटे जंगलों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान की गई। एसपी मनोज स्वर्गियारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर अभियान चलाकर तीनों को गिरफ्तार किया।

Jharkhand Naxal Operation: सांसद सुनील महतो हत्याकांड समेत कई मामलों में आरोपी

गिरफ्तार तीनों हार्डकोर नक्सलियों पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। चार मार्च 2007 को बाघुड़िया में हुए नक्सली हमले में तत्कालीन सांसद सुनील महतो, झामुमो के प्रखंड सचिव प्रभाकर महतो और सांसद के दो अंगरक्षकों की हत्या हुई थी। पुलिस के अनुसार इस चर्चित हमले में भी तीनों आरोपी हैं।

इसके अलावा बुरुडीह लैंड माइंस विस्फोट (30 अगस्त 2008), गालूडीह में झामुमो नेता कृष्णा महतो की हत्या, घाटशिला के दीघा-चापड़ी में दो लोगों की हत्या तथा केशरपुर में नासुस लोकल कमेटी के अध्यक्ष संतोष महतो की हत्या जैसे मामलों में भी इनकी संलिप्तता बताई गई है।


Key Highlights:

  • सरायकेला खरसावां पुलिस ने तीन हार्डकोर नक्सलियों को किया गिरफ्तार।

  • गिरफ्तार नक्सलियों पर कुल 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

  • सांसद सुनील महतो हत्याकांड समेत कई बड़े नक्सली मामलों में हैं आरोपी।

  • गिरफ्तारी के बाद असीम मंडल दस्ते में अब केवल सात से आठ सदस्य बचे।

  • दलमा और नीमडीह के जंगलों में विशेष अभियान के दौरान पुलिस को मिली सफलता।


Jharkhand Naxal Operation: गिरफ्तारी से असीम मंडल दस्ता हुआ कमजोर

पुलिस के अनुसार असीम मंडल के दस्ते में पहले 10 से 11 नक्सली सक्रिय थे। तीन प्रमुख सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद अब दस्ते में केवल सात से आठ नक्सली ही बचे हैं। इनमें सचिन, समीर, मीता और बुलू जैसे नक्सलियों के असीम मंडल के साथ जंगलों में छिपे होने की जानकारी है।

सूचना मिली थी कि कुछ नक्सली चौका थाना क्षेत्र के जंगलों से होकर गुजरने वाले हैं। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया और यह सफलता हासिल की।

Jharkhand Naxal Operation: 2018 में सारंडा से लौटे थे सीमावर्ती इलाकों में

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार नक्सली वर्ष 2005-06 से 2018 तक दलमा, घाटशिला और झारखंड-पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे इलाकों में सक्रिय थे। वर्ष 2018 में वे सारंडा क्षेत्र चले गए थे। बाद में संगठन के कमजोर पड़ने, मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी और अनल दा के मारे जाने के बाद ये फिर से पूर्वी सिंहभूम और झारखंड-बंगाल सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय हो गए थे।


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