Kolhan Naxal Operation: झारखंड के कोल्हान और सारंडा इलाकों में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को बड़ी कामयाबी मिली है। एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान, सुरक्षा बलों ने तीन ऐसे कट्टर नक्सलियों को गिरफ्तार किया है जिन पर नकद इनाम घोषित था। गिरफ्तार लोगों के पास से एक INSAS राइफल, एक AK-47, एक पिस्तौल, 250 जिंदा कारतूस और अन्य सामान बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से माओवादी संगठन के नेटवर्क और जबरन वसूली (लेवी) के सिस्टम को बड़ा झटका लगा है।
इनाम वाले तीन कट्टर नक्सली गिरफ्तार
संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार नक्सलियों में मदन महतो (उर्फ शंकर) शामिल हैं, जिन पर ₹15 लाख का इनाम था; बीरेन सिंह (उर्फ सागर/रवि सरदार), जिन पर ₹5 लाख का इनाम था; और मीना पहाड़िया (उर्फ मौरा/निपु), जिन पर ₹2 लाख का इनाम था। सुरक्षा बलों के अनुसार, ये तीनों लंबे समय से माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य रहे हैं और कई गंभीर मामलों में वांछित थे। उनसे बरामद सामान में एक INSAS राइफल, एक AK-47, एक पिस्तौल, कोडेक्स वायर और 250 जिंदा AK-47 कारतूस शामिल हैं।
कई बड़े मामलों में शामिल
सरायकेला के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयरी ने बताया कि मदन महतो लगभग 25 वर्षों से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय हैं। उनके खिलाफ झारखंड और पश्चिम बंगाल में कुल 41 मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियां उन्हें सुरक्षा बलों पर कई बड़े हमलों और हाई-प्रोफाइल घटनाओं से जोड़कर देखती हैं। वहीं, बीरेन सिंह (उर्फ सागर) के खिलाफ कथित तौर पर 43 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, उन्होंने संगठन में रणनीतिक भूमिका निभाई, जिसमें स्क्वाड का नेतृत्व करना और नए कैडरों को प्रशिक्षित करना शामिल है। मीना पहाड़िया (उर्फ मौरा/निपु) को संगठन का विस्फोटक विशेषज्ञ माना जाता है। उनके खिलाफ 18 मामले दर्ज हैं। उन पर IED और लैंडमाइन लगाने, विस्फोटक की आपूर्ति करने और लॉजिस्टिक्स का प्रबंधन करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है।
आसिम मंडल के नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत
शुरुआती पूछताछ से संकेत मिले हैं कि ये तीनों लोग आसिम मंडल (उर्फ़ आकाश) के नेटवर्क से जुड़े हैं। आसिम मंडल एक माओवादी नेता है जिस पर ₹1 करोड़ का इनाम घोषित है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ से हथियारों के जखीरे, जबरन वसूली के नेटवर्क, अंडरग्राउंड स्क्वाड और अन्य साथियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। अधिकारियों ने कहा कि पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर ऑपरेशन जारी रहेंगे और इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए कार्रवाई की जाएगी।

ऑपरेशन जारी रहेंगे
पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयरी ने कहा कि जिले में नक्सल-विरोधी ऑपरेशन बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे और पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव हो सकती है। वहीं, CRPF की 203 कोबरा बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार सिंह ने इस ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बताया और लोडेड हथियारों के साथ पकड़े गए कट्टर नक्सलियों की गिरफ्तारी को सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी करार दिया। उन्होंने कहा कि इलाके में बचे हुए सक्रिय नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेंगे और उन्हें गिरफ्तार करने या खत्म करने की कोशिशें जारी रहेंगी।
यह भी पढ़ें: Shravani Mela 2026 Food Safety: बाबा धाम में 42.5 किलो संदिग्ध पेड़ा नष्ट, विभाग की बड़ी कार्रवाई
Highlights



















