JPSC JSSC Protest: कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने मंगलवार को सदर अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल में भर्ती छात्रों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना और डॉक्टरों से कहा कि उन्हें सही इलाज और देखभाल मिले। उन्होंने JLKM नेता देवेंद्र महतो से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
अंबा प्रसाद ने अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की
अंबा प्रसाद ने अस्पताल में भर्ती छात्रों से बातचीत की और उनकी सेहत का जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि छात्रों के इलाज में कोई कमी न रहे। दौरे के दौरान, उन्होंने विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं के बारे में भी जानकारी ली। अंबा प्रसाद ने JLKM नेता देवेंद्र महतो से भी मुलाकात की; उन्होंने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा और उनके जल्द ठीक होने की कामना की।
लाठीचार्ज को लेकर पुलिस और सरकार की आलोचना
अस्पताल से निकलने के बाद, अंबा प्रसाद ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर पुलिस और सरकार की आलोचना की। उन्होंने अपनी मांगों के लिए विरोध कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज को एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता से संभालने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उनके अनुसार, विरोध कर रहे छात्रों के साथ बातचीत के ज़रिए समाधान खोजने की कोशिश की जानी चाहिए, और समस्या सुलझाने के लिए बल प्रयोग को विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
‘कांग्रेस सरकार का हिस्सा है, अन्याय का नहीं’
अंबा प्रसाद ने कहा कि भले ही कांग्रेस राज्य सरकार में सहयोगी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी युवाओं के साथ हो रहे अन्याय पर चुप रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मांगों को दबाने या परीक्षा विवाद को नज़रअंदाज़ करने की किसी भी कोशिश में शामिल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जनता और युवाओं का हित सबसे ऊपर है। सरकार को छात्रों की मांगों और उनके विरोध की गंभीरता को समझना चाहिए।

JPSC-JSSC विवाद की निष्पक्ष जांच की मांग
अंबा प्रसाद ने मांग की कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी और कदाचार के आरोपों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर छात्र परीक्षा विवाद की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो सरकार को उनकी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि छात्र CBI जांच की मांग कर रहे हैं, इसलिए सरकार को इस मांग पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। अंबा प्रसाद ने साफ़ किया कि CBI जांच की मांग उनकी अपनी राय है। उन्होंने आगे कहा कि अगर राज्य पुलिस जांच करती है—जिसके अपने सिस्टम पर ही सवाल उठ रहे हैं—तो निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में, जांच प्रक्रिया को लेकर छात्रों का भरोसा जीतना बहुत ज़रूरी है।

‘जनहित से ऊपर राजनीति नहीं हो सकती’
अंबा प्रसाद ने ज़ोर देकर कहा कि राजनीति को जनहित से ऊपर नहीं रखा जा सकता। उनके अनुसार, युवाओं के भविष्य पर असर डालने वाले मामलों में सरकार और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ फ़ैसले लेने चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और परीक्षा विवाद से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की। JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच, अंबा प्रसाद के घायल छात्रों से मिलने और CBI जांच की मांग करने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार छात्रों की मांगों और जांच को लेकर आगे क्या कदम उठाती है।
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