बेतिया: पश्चिम चंपारण के एक अस्पताल से सामने आई बच्ची की वायरल तस्वीर और वीडियो को लेकर अस्पताल प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन के अनुसार, 11 वर्षीय शाहिना खातून की हालत गंभीर थी और वह अचेत अवस्था में अस्पताल पहुंची थी। बच्ची की मां घबराहट में उसे खुद गोद में लेकर चिकित्सक के पास पहुंचीं, जिसके बाद तत्काल उसका इलाज शुरू किया गया।
गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची थी बच्ची
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, पश्चिम चंपारण जिले के महना गांव निवासी नजीर अंसारी की 11 वर्षीय बेटी शाहिना खातून को 18 अगस्त 2026 को इलाज के लिए शिशु रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि अस्पताल पहुंचने के समय बच्ची की हालत काफी गंभीर थी और वह अचेत अवस्था में थी। बच्ची की स्थिति देखकर उसकी मां ने उसे गोद में उठाया और चिकित्सक के पास लेकर पहुंचीं।
आपातकालीन कक्ष में तुरंत शुरू हुआ इलाज
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बच्ची की मां उसे अस्पताल के ब्लॉक-सी स्थित प्रथम तल के शिशु रोग विभाग के आपातकालीन कक्ष में लेकर पहुंचीं। चिकित्सकों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया। अस्पताल की ओर से बताया गया है कि बच्ची का इलाज अभी भी शिशु रोग विभाग में चल रहा है। उपचार के बाद उसकी स्थिति में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है और फिलहाल उसकी हालत सामान्य बताई गई है।
जांच में अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही से किया इनकार
वायरल तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद मामले की जांच की गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जांच में बच्ची के इलाज में किसी तरह की लापरवाही या उदासीनता सामने नहीं आई है। बच्ची की मां से पूछताछ में भी उन्होंने बताया कि बेटी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपनी इच्छा से उसे गोद में लेकर चिकित्सक के पास पहुंचाया था। प्रशासन ने मामले से संबंधित वीडियो फुटेज उपलब्ध होने की भी जानकारी दी है।
मानव बल की कमी के बावजूद सुविधाएं देने का दावा
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मानव बल की कमी के बावजूद उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल शाहिना खातून का इलाज शिशु रोग विभाग में जारी है और अस्पताल प्रशासन के अनुसार उसकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है।

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