JMM Protest Against MMDR Bill: केंद्र सरकार के MMDR बिल के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी की है। पार्टी ने 31 अगस्त तक जनजागरण अभियान चलाने के बाद धरना-प्रदर्शन से लेकर राजभवन के समक्ष विरोध और जरूरत पड़ने पर आर्थिक नाकेबंदी तक का रोडमैप तैयार किया है। JMM महासचिव विनोद पांडेय ने कहा है कि पार्टी इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन के लिए तैयार है।
31 अगस्त तक चलेगा JMM का जनजागरण अभियान
MMDR बिल के विरोध में JMM का जनजागरण अभियान 31 अगस्त तक जारी रहेगा। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर बिल से जुड़े प्रावधानों और झारखंड पर इसके संभावित प्रभावों के बारे में जानकारी देंगे। पार्टी का कहना है कि जनजागरण अभियान के बाद आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। JMM की रणनीति के मुताबिक आंदोलन को धीरे-धीरे प्रखंड, जिला और राज्य स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।
7 सितंबर को प्रखंड मुख्यालयों पर धरना
आंदोलन के पहले चरण में 7 सितंबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान JMM कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए MMDR बिल को वापस लेने की मांग करेंगे। पार्टी ने संकेत दिया है कि यह आंदोलन केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आगे विरोध के दूसरे चरण शुरू किए जाएंगे।
जिला मुख्यालय से राजभवन तक पहुंचेगा विरोध
आंदोलन के दूसरे चरण में सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी है। इसके साथ ही झारखंड बंद और मशाल जुलूस जैसे कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं की व्यापक भागीदारी के जरिए आंदोलन को मजबूत करने की रणनीति बनाई गई है। इसके बाद तीसरे चरण में JMM कार्यकर्ता राजभवन के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। पार्टी की कोशिश होगी कि MMDR बिल को लेकर झारखंड की आपत्तियों और मांगों को राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाए।
मांग नहीं मानी तो आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी
JMM ने आंदोलन के अंतिम चरण को लेकर भी अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी के मुताबिक यदि लगातार विरोध और प्रदर्शन के बाद भी केंद्र सरकार बिल को वापस लेने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। अंतिम चरण में आर्थिक नाकेबंदी का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी गई है। पार्टी की ओर से झारखंड में खनन गतिविधियों को रोकने और राज्य से खनिजों को बाहर जाने से रोकने की बात कही गई है।
हेमंत सोरेन के साथ बैठक में बनी आंदोलन की रणनीति
MMDR Bill के विरोध को लेकर JMM के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी के सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ रणनीति पर चर्चा की थी। इसके बाद पार्टी ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया है। JMM के आंदोलन की रूपरेखा से साफ है कि आने वाले दिनों में MMDR Bill को लेकर झारखंड की राजनीति में मुद्दा और अधिक जोर पकड़ सकता है। फिलहाल पार्टी 31 अगस्त तक जनजागरण अभियान पर फोकस कर रही है, जिसके बाद 7 सितंबर से विरोध-प्रदर्शन का अगला चरण शुरू होगा।
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