JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को कार्मिक विभाग ने निलंबित कर दिया है। CID ने उन्हें 22 जुलाई को JPSC मामले की जांच में गिरफ्तार किया था।
JPSC Case रांची:झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार विभाग ने सोमवार को उनके निलंबन की अधिसूचना जारी की।श्वेता गुप्ता फिलहाल बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में हैं। JPSC मामले की जांच कर रही CID ने उन्हें 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं।
JPSC Case: गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद निलंबन
श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद निलंबन का आदेश जारी किया गया है। कार्मिक विभाग के अनुसार, गिरफ्तारी की अधिकृत सूचना विभाग को समय पर नहीं मिली थी। विभाग का कहना है कि जब श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी से संबंधित अधिकृत सूचना प्राप्त हुई, उसके बाद नियमानुसार निलंबन की कार्रवाई की गयी।
Key Highlights
JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को निलंबित कर दिया गया।
कार्मिक विभाग ने सोमवार को निलंबन की अधिसूचना जारी की।
CID ने श्वेता गुप्ता को 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद से वह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में हैं।
विभाग के अनुसार गिरफ्तारी की अधिकृत सूचना मिलने के बाद निलंबन आदेश जारी किया गया।
JPSC Case: सरकारी सेवक के लिए 48 घंटे का नियम
सरकारी नियमों के अनुसार, किसी सरकारी सेवक के गिरफ्तार होने या न्यायिक हिरासत में जाने की स्थिति में सामान्यतः 48 घंटे के अंदर उसे निलंबित करने का प्रावधान है। ऐसे में श्वेता गुप्ता के मामले में गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद निलंबन आदेश जारी होने को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। फिलहाल श्वेता गुप्ता JPSC मामले में न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच CID कर रही है। निलंबन के बाद उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई भी नियमों के अनुसार की जा सकती है।


















