Maithon Panchet Dam Water Level: पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मैथन और पंचेत डैम के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। डीवीसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार मैथन डैम का जलस्तर 484.25 फीट तक पहुंच गया है। यहां खतरे का निशान 495 फीट निर्धारित है। इस तरह मैथन डैम का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से करीब 10.75 फीट नीचे है। वहीं, पंचेत डैम का जलस्तर 414.11 फीट दर्ज किया गया है। पंचेत डैम का खतरे का निशान 425 फीट है। यहां भी जलस्तर खतरे के निशान से करीब 10.89 फीट नीचे है।
ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से बढ़ा पानी का बहाव
ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार पानी के तेज बहाव को देखते हुए डीवीसी और केंद्रीय जल आयोग की टीम दोनों जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए मैथन और पंचेत डैम से पानी की निकासी की जा रही है। अधिकारियों की ओर से जलाशयों में पानी की आवक और निकासी की स्थिति की निगरानी की जा रही है, ताकि बढ़ते जलस्तर के बीच डैम में पर्याप्त क्षमता बनाए रखी जा सके।
मैथन डैम के चार गैलरी और पांच गेट खोले गए
उपलब्ध जानकारी के अनुसार मैथन डैम की चार गैलरी और पांच गेट खोले गए हैं। इनके माध्यम से 12,744 एकड़ फीट पानी छोड़ा जा रहा है। मैथन का हाइडल भी चालू है। वहीं पंचेत डैम में भी गेट और गैलरी खोले गए हैं। यहां से 88,011 एकड़ फीट पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। डैम से पानी छोड़े जाने का उद्देश्य लगातार बढ़ रहे जलस्तर को नियंत्रित रखना है। साथ ही ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी के दबाव को देखते हुए जलाशयों में पर्याप्त क्षमता बनाए रखने के लिए भी निकासी की जा रही है।
केंद्रीय जल आयोग की टीम कर रही निगरानी
लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से बढ़ते पानी के बहाव को देखते हुए मैथन और पंचेत डैम की स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी गई है। केंद्रीय जल आयोग की टीम दोनों जलाशयों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रही है। डीवीसी के अधिकारी भी पानी की आवक और निकासी की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। फिलहाल दोनों डैम का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। हालांकि बारिश जारी रहने और जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने पर जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।
डैम और जलनिकासी वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील
पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण दोनों जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और पानी की निकासी जारी है। लोगों से डैम और जलनिकासी वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की गई है। साथ ही प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
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