Bokaro Sector 12E Building Collapse: बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-12E स्थित क्वार्टर संख्या 1290 के अचानक जमींदोज होने की घटना की जांच पूरी हो गई है। 28 अगस्त को हुई इस घटना की परिस्थितियों और कारणों की विस्तृत जांच के लिए उपायुक्त अजय नाथ झा ने चास के अनुमंडल पदाधिकारी प्रांजल ढांडा को जांच पदाधिकारी नामित किया था। जांच रिपोर्ट 31 अगस्त को जिला प्रशासन को प्राप्त हो गई। रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने बीएसएल प्रबंधन को आवश्यक कार्रवाई के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की सुसंगत धाराओं के तहत निर्देश जारी किए हैं।
नियमित रखरखाव और तकनीकी निरीक्षण पर जोर
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि जांच के दौरान भवनों के नियमित रखरखाव और समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण की आवश्यकता सामने आई है। उन्होंने कहा कि जर्जर और असुरक्षित भवनों को समय रहते चिह्नित करना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। डीसी ने बीएसएल प्रबंधन को भवनों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट एसओपी तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके तहत तकनीकी एजेंसी के माध्यम से भवनों का नियमित सर्वे कराने को कहा गया है।
असुरक्षित भवनों को चिह्नित कर कार्रवाई का निर्देश
निर्देश के अनुसार सर्वे के दौरान असुरक्षित पाए जाने वाले भवनों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार ऐसे भवनों को खाली कराने, उनकी मरम्मत कराने या उन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। बीएसएल प्रबंधन को आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप असुरक्षित भवनों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा करने का भी निर्देश दिया गया है। साथ ही ऐसे भवनों पर स्पष्ट रूप से ‘असुरक्षित भवन’ का बोर्ड लगाने को कहा गया है। डीसी ने कहा कि जिन भवनों में लोग रह रहे हैं, वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। ऐसे लोगों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करते हुए निर्धारित समय-सीमा में उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भी स्थानांतरण की कार्रवाई की जा सकती है।

पुराने ओवरहेड टैंकों से अतिरिक्त भार का मामला
निरीक्षण के दौरान डीसी ने पुराने ओवरहेड टैंकों के कारण भवनों पर पड़ रहे अतिरिक्त भार की स्थिति का भी संज्ञान लिया। इस संबंध में बीएसएल प्रबंधन को पुराने टैंकों के स्थान पर प्लास्टिक टैंकों के माध्यम से वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने इस कार्य को 10 दिनों के भीतर पूरा करने को कहा है। इसका उद्देश्य भवनों पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार की स्थिति को कम करना और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करना है।

भविष्य में हादसे रोकने पर प्रशासन का फोकस
सेक्टर-12E में क्वार्टर ध्वस्त होने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने भवनों की सुरक्षा और नियमित तकनीकी जांच को लेकर बीएसएल प्रबंधन को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर अब जर्जर और असुरक्षित भवनों की पहचान, नियमित सर्वे, समय पर मरम्मत या ध्वस्तीकरण और वहां रहने वाले लोगों के सुरक्षित स्थानांतरण पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का जोर ऐसे भवनों को समय रहते चिह्नित करने पर है, जिससे भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।



















