Sadhvi Ritambhara KISS Visit: प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु साध्वी ऋतम्भरा ने मंगलवार को KIIT और KISS विश्वविद्यालय के कैंपस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों के अनुशासन और वहां दिए जा रहे संस्कारों की सराहना की। उन्होंने KISS को एक ‘असाधारण’ संस्थान बताते हुए कहा कि यहां सभी तीर्थस्थलों की पवित्रता और देवताओं की दिव्यता का अनुभव होता है।
दौरे के दौरान साध्वी ऋतम्भरा ने KISS की छात्राओं को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही हैं, लेकिन शिक्षाविद और समाजसेवी डॉ. अच्युत सामंत द्वारा स्थापित KISS की अपनी अलग पहचान है।
KISS को बताया तपस्या और समर्पण का परिणाम
साध्वी ऋतम्भरा ने KISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान एक व्यक्ति के समर्पण और तपस्या का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि KISS का दौरा करने के दौरान उन्हें तपस्या, मेहनत और समर्पण के वास्तविक अर्थ को करीब से देखने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि KISS में आकर उन्हें इतनी खुशी हुई कि इसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उनके अनुसार, संस्थान में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन और मूल्यों से भी जोड़ा जा रहा है।
बच्चों के अनुशासन और संस्कारों की सराहना
KISS में बच्चों के अनुशासन और उनके मूल्यों को देखकर साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि उन्हें यहां ‘यही असली भारत’ दिखाई दिया। उन्होंने KISS के विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें गर्व होना चाहिए कि वे डॉ. अच्युत सामंत के मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने संस्थान में बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर भी बात की। उनके अनुसार, विद्यार्थियों को केवल शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आत्म-सम्मान के साथ जीवन जीने और आत्मनिर्भर बनने के लिए भी तैयार करना जरूरी है।
आत्मनिर्भरता को बताया आत्मसम्मान का आधार
साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि लोगों को केवल दूसरों को सलाह देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि KISS में बच्चों को आत्मसम्मान के साथ जीने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की सीख भी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति तभी आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सकता है, जब वह आत्मनिर्भर हो। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को समाज के प्रति जिम्मेदारी और दूसरों की सहायता के महत्व का संदेश भी दिया।
डॉ. अच्युत सामंत के प्रयासों की प्रशंसा
साध्वी ऋतम्भरा ने KIIT और KISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत के कार्यों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने KISS को उनके लंबे समर्पण और मेहनत का परिणाम बताया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. अच्युत सामंत ने स्वागत भाषण दिया। KISS के वाइस चांसलर प्रो. सरनजीत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। वहीं, जाने-माने शिक्षाविद अशोक पांडे ने अतिथियों का परिचय कराया।
साध्वी ऋतम्भरा के दौरे के दौरान विद्यार्थियों के बीच शिक्षा, आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर भी संदेश दिया गया।


















