कुड़मी समाज 20 सितंबर को पुरुलिया में करम महोत्सव के जरिए शक्ति प्रदर्शन करेगा। आयोजकों ने पांच लाख लोगों के जुटने और ST Status की मांग का दावा किया है।
Kurmi Community रांची: अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलनरत कुड़मी समाज ने इस बार आंदोलन का तरीका बदल दिया है। 20 सितंबर को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया स्थित कोटशिला में भव्य करम महोत्सव आयोजित किया जायेगा। आयोजकों का दावा है कि झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम से पांच लाख से अधिक लोग इसमें शामिल होंगे।
Kurmi Community: तीन साल बाद रेल टेका से बदला आंदोलन
कुड़मी समाज पिछले तीन वर्षों से रेल टेका यानी रेल रोको आंदोलन करता रहा है। समाज के नेताओं के अनुसार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांगों के समाधान का आश्वासन दिया था।
इसी के बाद इस बार रेल रोकने के बजाय करम महोत्सव के माध्यम से बड़ा जनसमूह जुटाने की रणनीति अपनायी गयी है।
Kurmi Community: 40 हजार गांवों में भेजा गया निमंत्रण
समाज के मुख्य संरक्षक अजीत प्रसाद महतो के अनुसार झारखंड, बंगाल और ओडिशा के करीब 40 हजार गांवों में निमंत्रण भेजा गया है। हर गांव से एक करम दल को पारंपरिक ढोल और मांदर के साथ पहुंचने का आह्वान किया गया है।
Key Highlights
- 20 सितंबर को पुरुलिया में करम महोत्सव होगा।
- पांच लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा।
- कुड़मी समाज ST Status की मांग कर रहा है।
- कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग।
- करीब 40 हजार गांवों में निमंत्रण भेजने का दावा।
Kurmi Community: ST Status और कुड़माली भाषा की मांग
कुड़मी समाज की प्रमुख मांग समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करना और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना है। आयोजकों ने महोत्सव को विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी का भी दावा किया है।


















