Jharkhand High Court: नामकुम अंचल के दो अधिकारी गिरफ्तार, दाखिल-खारिज दस्तावेज गायब करने का आरोप

झारखंड हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद ACB ने नामकुम अंचल के तत्कालीन सीआई मनोज कुमार दीक्षित और लिपिक दीपक कुमार को गिरफ्तार किया।


Jharkhand High Court रांची: झारखंड हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी ने नामकुम अंचल में दाखिल-खारिज से जुड़े सरकारी दस्तावेज गायब करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मंगलवार को नामकुम अंचल के तत्कालीन अंचल निरीक्षक यानी सीआई मनोज कुमार दीक्षित और तत्कालीन कार्यालय लिपिक दीपक कुमार को गिरफ्तार किया।

दोनों आरोपियों को बुधवार को एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी अदालत से दोनों को रिमांड पर देने का अनुरोध कर सकती है, ताकि मामले में आगे पूछताछ की जा सके।

Jharkhand High Court:डुंडु की जमीन के Mutation Case से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला नामकुम अंचल के डुंडु क्षेत्र स्थित एक जमीन के म्यूटेशन वाद संख्या 365 आर-27-2013-14 से जुड़ा है। इस मामले में शिकायतकर्ता थामस साइमन ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर गंभीर आरोप लगाए थे।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि अंचल कार्यालय में नियमों का पालन किए बिना जमीन का म्यूटेशन दूसरे पक्ष के नाम कर दिया गया। मामले में सरकारी दस्तावेजों के गायब होने का आरोप भी सामने आया, जिसके बाद जांच एजेंसी की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Key Highlights

  • एसीबी ने नामकुम अंचल के दो तत्कालीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया।
  • गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन सीआई मनोज कुमार दीक्षित शामिल हैं।
  • तत्कालीन कार्यालय लिपिक दीपक कुमार की भी गिरफ्तारी हुई है।
  • मामला डुंडु क्षेत्र की जमीन के म्यूटेशन वाद से जुड़ा है।
  • हाईकोर्ट में शिकायतकर्ता थामस साइमन ने याचिका दाखिल की थी।

Jharkhand High Court:हाईकोर्ट के रुख के बाद ACB की कार्रवाई

मामले में झारखंड हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद एसीबी की कार्रवाई हुई है। जांच एजेंसी अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए मामले से जुड़े दस्तावेजों और कथित अनियमितताओं की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।

एसीबी दोनों को विशेष अदालत में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है। रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसी म्यूटेशन प्रक्रिया, संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों के गायब होने से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर सकती है।

Jharkhand High Court:म्यूटेशन विवाद में दस्तावेजों की भूमिका अहम

जमीन के दाखिल-खारिज यानी म्यूटेशन की प्रक्रिया में राजस्व रिकॉर्ड और संबंधित सरकारी दस्तावेज महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में दस्तावेजों के गायब होने का आरोप मामले की जांच का अहम हिस्सा बन गया है।

फिलहाल एसीबी की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दस्तावेज किस परिस्थिति में गायब हुए और म्यूटेशन प्रक्रिया में किन स्तरों पर अनियमितता हुई। अदालत में पेशी और आगे की जांच के बाद मामले में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

कीवर्ड्स: Jharkhand High Court, ACB Ranchi, Namkum Anchal, नामकुम अंचल, मनोज कुमार दीक्षित, दीपक कुमार, Mutation Case, दाखिल-खारिज मामला, Ranchi Crime News, Jharkhand News

SSC CGL 2026: Tier-1 परीक्षा 30 सितंबर से, 15-15 मिनट की...

SSC CGL 2026 Tier-1 परीक्षा 30 सितंबर से 30 अक्टूबर तक होगी। 100 सवालों की परीक्षा में चारों सेक्शन के लिए 15-15 मिनट की...

TRAI New Rule: अब बिना Data के भी मिलेगा Voice-SMS Recharge,...

 TRAI ने Voice और SMS Only प्लान को लेकर नए नियम जारी किए हैं। डेटा वाले प्लान की समान अवधि का बिना डेटा विकल्प...

Sugar Price: रांची में थोक चीनी 14 रुपये सस्ती, फिर भी...

 रांची की थोक मंडी में चीनी का भाव 64 से घटकर 50 से 51 रुपये किलो हो गया है, लेकिन कई छोटी दुकानों में...